शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आहार में सुधार करना सबसे जरूर माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि हम सभी अगर अपने खान-पान को ही ठीक कर लें तो इससे कई प्रकार की बीमारियों के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। क्या आपको डाइट से शरीर के लिए जरूरी सभी न्यूट्रिशन प्राप्त हो रहे हैं?
अलर्ट: एनीमिया के पीछे कहीं आपके डाइट की ये गड़बड़ी तो नहीं है वजह? महिलाएं जरूर जान लें ये बातें
एनीमिया में सिर्फ आयरन वाली चीजें खाना ही पर्याप्त नहीं माना जाता। खासकर पौधों से मिलने वाले नॉन-हीम आयरन के अवशोषण के लिए विटामिन-सी जरूरी है। नींबू और संतरा इसके आसान स्रोत हैं। इन्हें आयरन वाले भोजन के साथ शामिल किया जा सकता है।
क्यों जरूरी है शरीर में आयरन?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर को हीमोग्लोबिन बनाने के लिए आयरन की जरूरत होती है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद वह प्रोटीन है जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। लेकिन इसके लिए सिर्फ आयरन वाली चीजें ही खाना पर्याप्त नहीं है।
- भोजन में मौजूद आयरन का एक हिस्सा शरीर आसानी से अवशोषित नहीं कर पाता। विटामिन-सी इस प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसलिए शरीर में आयरन की पूर्ति के लिए आयरन वाली चीजों के साथ विटामिन-सी वाली चीजें खाना भी जरूरी है।
नींबू और संतरा हो सकते हैं फायदेमंद?
नींबू और संतरा आयरन के स्रोत नहीं हैं, बल्कि इनमें विटामिन-सी की अच्छी मात्रा होती है, हालांकि ये शरीर में आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। यह भोजन में मौजूद नॉन-हीम आयरन यानी मुख्य रूप से पौधों से मिलने वाले आयरन के शरीर में अवशोषण को बढ़ाने में मदद करता है। इसलिए दाल, चना, राजमा, हरी सब्जियों या अन्य आयरन वाले भोजन के साथ नींबू या विटामिन-सी वाली दूसरी चीजें लेना फायदेमंद हो सकता है।
- आयरन शरीर के लिए जरूरी खनिज है और इसकी कमी से आयरन-डिफिशिएंसी एनीमिया हो सकता है।
- मांस-मछली से मिलने वाला हीम आयरन शरीर आसानी से अवशोषित कर लेता है, जबकि दाल-बीन्स, नट्स और सब्जियों से मिलने वाला नॉन-हीम आयरन आसानी से अवशोषित नहीं हो पाता है।
- इसलिए शाकाहारी भोजन में विटामिन-सी वाली चीजों को शामिल करना जरूरी माना जाता है।
जान लीजिए ये बातें
विटामिन-सी आयरन के अवशोषण में मदद करता है, लेकिन जिन लोगों को गंभीर एनीमिया हैं उन्हें डाइट में सुधार के साथ दवाओं और सप्लीमेंट्स की भी जरूरत हो सकती है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार आयरन की गोलियां और दूसरे परीक्षणों की सलाह दे सकते हैं। हालांकि आयरन के सप्लीमेंट खुद से नहीं लेना चाहिए। कई बार ये दवाएं फायदे की जगह दूसरी समस्याओं का कारण बन सकती हैं।
अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया कि किस तरह से महिलाओं में खून की कमी का खतरा ज्यादा रहता है पर इसके क्या कारण हो सकते हैं, जानने के लिए यहां क्लिक करें
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।