सीढ़ियां चढ़ने, तेज चलने या व्यायाम के बाद आपने भी एहसास किया होगा कि दिल की धड़कन तेजी हो गई है। इसे शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया माना जाता है। इसके अलावा कई बार डर, तनाव या अचानक घबराहट में भी कुछ समय के लिए हार्टबीट बढ़ सकती है। लेकिन अगर बिना मेहनत किए आराम की हालत में भी दिल अक्सर तेज धड़कता है, तो ये सामान्य नहीं है।
जानना जरूरी: दिल का तेज धड़कना हमेशा हार्ट की बीमारी नहीं, इन वजहों से भी बढ़ सकती है हार्टबीट
Heartbeat: आराम करते समय हार्टबीट बार-बार तेज रहने के कई कारण हो सकते हैं। शरीर में पानी की कमी, बुखार, संक्रमण और एनीमिया के कारण दिल की धड़कन की लय में गड़बड़ी हो सकती है। हालांकि इसके साथ सीने में दर्द, सांस फूलने, चक्कर या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टरी मदद लें।
कितनी होना चाहिए हार्टबीट?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि सामान्य तौर पर आराम की स्थिति में हार्टबीट 60 से 100 बीट प्रति मिनट होनी चाहि। आराम के समय लगातार 100 से ऊपर हार्ट रेट को टैकीकार्डिया कहा जाता है। चूंकि मामला हार्टबीट से जुड़ा है इसलिए अक्सर इसे दिल की सेहत से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि धड़कन तेज होना हमेशा दिल की बीमारी नहीं होती।
- शरीर में पानी की कमी, बुखार या संक्रमण, खून की कमी, थायरॉइड या लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं में भी धड़कन बढ़ा हुआ देखा जाता है। कुछ दवाएं, ज्यादा कैफीन, शराब-धूम्रपान भी हार्टबीट बढ़ा सकती हैं।
तनाव से लेकर पानी की कमी तक हो सकती है वजह
हार्टबीट बढ़ने का आम कारण तनाव, डर या घबराहट को माना जाता है। इनके अलावा बुखार या संक्रमण के दौरान भी दिल तेजी से धड़क सकता है।
- शरीर में पानी की कमी होने पर भी हार्ट रेट बढ़ सकती है।
- खून की कमी यानी एनीमिया में शरीर के ऊतकों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है।
- थायरॉइड ज्यादा सक्रिय होने या ज्यादा कैफीन-शराब भी धड़कन बढ़ा सकते हैं।
अगर दिल आराम की स्थिति में बार-बार तेज धड़कता है, तो कुछ मामलों में इसकी वजह एरिदमिया यानी दिल की धड़कन की लय में गड़बड़ी हो सकती है।
- तेज धड़कन के साथ चक्कर आना, कमजोरी, सांस फूलना या सीने में दर्द हो रहा है तो ये संकेत हैं कि आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। कारणों को जानने के लिए डॉक्टर ईसीजी टेस्ट कराने की सलाह देते हैं।
कब इसे गंभीर मानें और तुरंत मदद लें?
अगर आराम करते समय हार्टबीट बार-बार 100 से ऊपर रहती है तो डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच करानी चाहिए। वहीं यदि तेज धड़कन के साथ सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी, चक्कर-बेहोशी जैसा महसूस हो हो तो तुरंत डॉक्टरी मदद लेनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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