अधिक वजन और मोटापे की स्थिति को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सेहत के लिए गंभीर खतरा मानते हैं। वजन ज्यादा होने के कारण सिर्फ आपका लुक ही खराब नहीं होता है, समय के साथ ये समस्या आपमें कई प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों के खतरे को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। यही कारण है कि डॉक्टर कम उम्र से ही सभी लोगों को अपने वजन पर ध्यान देते रहने की सलाह देते हैं।
विसरल फैट: पेट की चर्बी कहीं आपके हार्ट के लिए न बढ़ा दे मुश्किलें? जानिए क्या है इसका कनेक्शन
Visceral Fat Heart Disease: पेट के अंदरूनी अंगों के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी लिवर में फैट जमा होने, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज के जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है। संतुलित डाइट, नियमित व्यायाम से इसके खतरों को कम किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, पेट की चर्बी का बढ़ना लिवर और दिल दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। अध्ययनों में पाया गया है कि पेट पर जमा अतिरिक्त चर्बी समय के साथ फैटी लिवर, टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है है। दिलचस्प बात यह है कि कुछ लोगों का वजन सामान्य होने के बावजूद उनके पेट के आसपास ज्यादा चर्बी हो सकती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ शरीर का वजन चेक करते रहने के साथ कमर के आकार पर भी ध्यान देते रहने की सलाह देते हैं।
पेट की चर्बी का लिवर पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पेट के अंदर जमा अतिरिक्त चर्बी शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है। इससे लिवर में फैट जमा होने और मेटाबॉलिक डिसफंक्शन से जुड़ी फैटी लिवर बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। शुरुआत में अक्सर इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, लोगों को अपनी बीमारी का पता तब चल पाता है जब समस्या काफी बढ़ चुकी होती है।
- आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में फैटी लिवर के मामले चिंता बढ़ाते जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार 100 भारतीय वयस्कों में से करीब 39 को यह समस्या है। बड़ी संख्या में बच्चे भी इसका शिकार होते जा रहे हैं। भारतीय बच्चों में भी यह अनुमान 35.4 % है।
हार्ट की समस्याओं का हो सकता है खतरा
अध्ययनों में पाया गया है कि पेट पर जमा अतिरिक्त चर्बी समय के साथ हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन रेजिस्टेंस के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है। ये सभी दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देती हैं।
- विसरल फैट बायोलॉजिकल संकेतों के जरिए हृदय रोग का कारण बनता है। ये संकेत रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और हृदय की मांसपेशियों पर दबाव डालते हैं।
- विसरल फैट से ऐसे इन्फ्लेमेटरी केमिकल और साइटोकाइन रिलीज होते हैं जो पूरे शरीर और रक्त वाहिकाओं में लगातार हल्के स्तर की सूजन पैदा करते हैं।
- इसके अलावा पेट के आसपास जमा चर्बी हाई कोलेस्ट्रॉल और ब्लड लिपिड में बदलाव का भी कारण बन सकती है। ये सभी स्थितियां एथेरोस्क्लेरोसिस का कारण बनती है, जिससे धमनियों के भीतर प्लाक का जमा होने लग जाती है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) नार्मल है, तब भी पेट के आसपास अतिरिक्त चर्बी हो सकती है। इसलिए वजन के साथ कमर के नाप पर भी ध्यान देते रहना जरूरी है। पुरुषों के लिए 90 सेंटीमीटर और महिलाओं के लिए 80 सेंटीमीटर की कमर की माप को सामान्य माना जाता है। वजन के साथ-साथ पेट की चर्बी को कम करने के लिए भी निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
- नियमित रूप से तेज गति से वॉक और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करें।
- मीठे पेय, ज्यादा तली हुई चीजें और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन कम से कम करें।
- डाइट में सब्जियों-फल, साबुत अनाज और प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों की मात्रा बढ़ाएं।
- अच्छी नींद लें और वजन-कमर, ब्लड प्रेशर व ब्लड शुगर की भी निरंतर जांच कराते रहें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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