फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कोरोना का डेल्टा वैरिएंट: तेजी से बढ़ते संक्रमण को लेकर डब्ल्यूएचओ चिंतित, इस गंभीर संकट की जताई आशंका

Wed, 14 Jul 2021 12:12 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Wed, 14 Jul 2021 12:12 PM IST
विज्ञापन
WHO chief warns, Delta variant spreading worldwide at very scorching pace
डेल्टा वैरिएंट के मामलों को लेकर डब्ल्यूएचओ चिंतित - फोटो : Amar Ujala

कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट इस वक्त पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है। भारत में दूसरी लहर की गंभीरता का प्रमुख कारण माना जा रहा डेल्टा वैरिएंट अब कई अन्य देशों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) लगातार इस घातक वैरिएंट की संक्रामकता के बारे में लोगों से सचेत रहने की अपील कर रहा है। इसी संबंध में डब्ल्यूएचओ के प्रमुख डॉ टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने अपने हालिया बयान में डेल्टा के तेजी से बढ़ते मामलों को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है।


डॉ टैड्रॉस कहते हैं, दुनियाभर में एकबार फिर से कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों और मौत के लिए डेल्टा वैरिएंट को प्रमुख कारण माना जा रहा है। जिस तरफ्तार से इस वैरिएंट के कारण संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, आशंका है कि आने के कुछ दिनों में यह ज्यादातर देशों को अपनी चपेट में ले सकता है। वर्तमान में, डेल्टा वैरिएंट 104 से अधिक देशों में फैला चुका है। आइए आगे की स्लाइडों में इस वैरिएंट की संक्रामकता और प्रसार के बारे में विस्तार से जानते हैं।

WHO chief warns, Delta variant spreading worldwide at very scorching pace
कोरोना का नया डेल्टा वैरिएंट (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
डेल्टा वैरिएंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस घातक संक्रामक वायरस से निपटने के लिए मिलकर काम करने की अपील की है। डॉ टैड्रॉस ने एक बार फिर से टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाने की अपील करते हुए कहा है कि इस अदृश्य लेकिन बेहद खतरनाक कोरोना के वायरस से लड़ने के लिए फिलहाल हमारे पास वैक्सीनेशन ही एक उपाय है, सभी देशों को टीकाकरण के अभियान में तेजी लानी चाहिए, जिससे डेल्टा वैरिएंट को काबू में किया जा सके।

WHO chief warns, Delta variant spreading worldwide at very scorching pace
कई देशों में तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोनावायरस के मामले - फोटो : PIB

वैक्सीन की सप्लाई को लेकर जताई चिंता
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने जरूरत से अधिक बूस्टर डोज आर्डर करने वाले देशों की आलोचना करते हुए कहा कि जब कई देश वैक्सीन की किल्लत का सामना कर रहे हैं, ऐसे में कुछ देश बूस्टर डोज के लिए ज्यादा से ज्यादा आर्डर कर रहे हैं, इससे निम्न-मध्यम आय वाले देशों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। हमें कोरोना को हराने के लिए साथ मिलकर काम करना होगा। अफ्रीका के कई देश अब भी वैक्सीन की कमी से जूझ रहे हैं, जबकि वहां कोरोना के मामले एक बार फिर से बढ़ने शुरू हो गए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
WHO chief warns, Delta variant spreading worldwide at very scorching pace
कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के बारे में जानिए - फोटो : Social media
कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के बारे में जानिए
कोरोना का डेल्टा वैरिएंट (बी.1.617.2) मूल वैरिएंट का म्यूटेटेड स्वरूप है। भारत में इस साल की शुरुआत में इस वैरिएंट के मामले सबसे पहले सामने आए। कई अध्ययनों से पता चलता है कि यह म्यूटेटेड वायरस काफी संक्रामक हो सकता है। भारत में दूसरी लहर में दिखी तबाही के लिए इसी वैरिएंट को प्रमुख कारण के रूप में देखा जा रहा है। इसकी संक्रामकता को देखते हुए  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न के रूप में वर्गीकृत किया है। कुछ रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि दुनियाभर में दी जा रही वैक्सीन कोरोना के इस वैरिएंट के खिलाफ आठ गुना तक कम प्रभावी हो सकती हैं। हाल के दिनों में यूके और इज़राइल में डेल्टा वैरिएंट के कारण ही कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
 
विज्ञापन
WHO chief warns, Delta variant spreading worldwide at very scorching pace
डेल्टा से सुरक्षित कैसे रहें (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
ऐसे लोगों को डेल्टा वैरिएंट्स से अतिरिक्त सुरक्षा
एक अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने अलग-अलग स्थिति वाले प्रतिभागियों को शामिल किया। इसमें वैक्सीन की एक डोज, दोनों डोज ले चुके लोगों के साथ कोविड से ठीक होने के बाद वैक्सीन की एक या दोनों डोज ले चुके लोगों को शामिल किया गया। अध्ययन के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों को कोरोना का संक्रमण नहीं हुआ उनकी तुलना में कोरोना संक्रमित रह चुके लोग जिन्हें वैक्सीन की अतिरिक्त सुरक्षा मिल चुकी है, उन्हें ज्यादा सुरक्षित माना जा सकता है। वहीं जिन लोगों ने वैक्सीनेशन नहीं कराया है, उनमें डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित होने का खतरा कहीं ज्यादा हो सकता है।

--------------------
नोट: यह लेख डब्ल्यूएचओ के प्रमुख डॉ टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस के हालिया बयान के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed