कोरोना संक्रमण के मामलों ने कई प्रकार से देश के लोगों को प्रभावित किया है। फरवरी 2021 से शुरू हुई इस दूसरी लहर में संक्रमण के मामले और इससे होनी वाली मौत, दोनों के ही आंकड़े परेशान करने वाले हैं। पिछले कुछ दिनों के आंकड़े देखें तो पता चलता है कि अब रोजोना संक्रमितों की संख्या थोड़ी कम जरूर हुई है लेकिन कोविड से मरने वालों की संख्या अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। इन सबके बीच लोग अब बस यह जानना चाहते हैं कि उन्हें कोविड से कब तक छुटकारा मिल सकता है? कोविड की दूसरी लहर अभी और कितने दिनों तक अपना असर दिखा सकती है? आइए विशेषज्ञों से इन सभी सवालों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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कोरोना संक्रमण: इस वजह से दूसरी लहर में युवा हो रहे हैं ज्यादा संक्रमित, क्या तीसरी लहर होगी और भी आक्रामक?
Fri, 21 May 2021 05:16 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Fri, 21 May 2021 05:16 PM IST
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कोरोना वायरस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : pixabay
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कोरोना की दूसरी लहर है अधिक संक्रामक
- फोटो : ANI
दूसरी लहर में अधिक है संक्रमण की दर
डॉ ऋचा गुप्ता (श्वास रोग विशेषज्ञ, वेल्लौर) कहती हैं कि कोरोना की दूसरी लहर संक्रमण के मामलों और इसकी गंभीरता को देखते हुए बेहद घातक मानी जा रही है। पहली वेब में पॉजिटिविटी रेट 4-5 फीसदी था जबकि इस लहर में यह 20 से 25 फीसदी के आंकड़े को भी पार कर गया है। इससे स्पष्ट होता है कि यह वायरस पहले से ज्यादा संक्रामक है। वायरस के म्यूटेशन कारण इस बार समस्याएं ज्यादा देखने को मिल रही हैं।
डॉ ऋचा गुप्ता (श्वास रोग विशेषज्ञ, वेल्लौर) कहती हैं कि कोरोना की दूसरी लहर संक्रमण के मामलों और इसकी गंभीरता को देखते हुए बेहद घातक मानी जा रही है। पहली वेब में पॉजिटिविटी रेट 4-5 फीसदी था जबकि इस लहर में यह 20 से 25 फीसदी के आंकड़े को भी पार कर गया है। इससे स्पष्ट होता है कि यह वायरस पहले से ज्यादा संक्रामक है। वायरस के म्यूटेशन कारण इस बार समस्याएं ज्यादा देखने को मिल रही हैं।
लापरवाही ने कोरोना को बना दिया गंभीर
- फोटो : Pixabay
क्यों युवाओं को ज्यादा प्रभावित कर रही है दूसरी लहर
डॉ ऋचा बताती हैं कि कोरोना की दूसरी लहर युवाओं को ज्यादा प्रभावित कर रही है। इसके दो कारण हो सकते हैं- पहला, युवा वर्ग काम करने के लिए ज्यादा बाहर जाती है और पहली लहर के बाद इन लोगों ने कोरोना से बचाव के उपायों को प्रयोग में लाना भी कम कर दिया था। वहीं दूसरा- इस आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन नहीं मिल पाया जिसके चलते इनमें संक्रमण का असर ज्यादा देखने को मिला।
डॉ ऋचा बताती हैं कि कोरोना की दूसरी लहर युवाओं को ज्यादा प्रभावित कर रही है। इसके दो कारण हो सकते हैं- पहला, युवा वर्ग काम करने के लिए ज्यादा बाहर जाती है और पहली लहर के बाद इन लोगों ने कोरोना से बचाव के उपायों को प्रयोग में लाना भी कम कर दिया था। वहीं दूसरा- इस आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन नहीं मिल पाया जिसके चलते इनमें संक्रमण का असर ज्यादा देखने को मिला।
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दूसरी लहर के खात्मे को लेकर क्या हैं आसार
- फोटो : Pixabay
कब तक खत्म हो सकती है यह लहर
अहमदाबाद में महामारी विशेषज्ञ डॉ दीपक डॉ दीपक कहते हैं कि भारत बड़ा देश है इसलिए यह कहना थोड़ा कठिन है कि पूरी देश से लहर कब खत्म होगी? जिन राज्यों में पीक पहले आ चुका है उनमें इसका असर पहले खत्म हो सकता है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्य जिनमें पहले पीक आ चुका है वहां दूसरी लहर से जल्दी मुक्ति मिल सकती है। हमने जल्दी ही पीक का असर देख लिया था ऐसे में लग रहा है जून के पहले हफ्ते तक केस बहुत कम हो जाएंगे और जल्द ही कुछ अच्छी खबर मिल सकती है।
अहमदाबाद में महामारी विशेषज्ञ डॉ दीपक डॉ दीपक कहते हैं कि भारत बड़ा देश है इसलिए यह कहना थोड़ा कठिन है कि पूरी देश से लहर कब खत्म होगी? जिन राज्यों में पीक पहले आ चुका है उनमें इसका असर पहले खत्म हो सकता है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्य जिनमें पहले पीक आ चुका है वहां दूसरी लहर से जल्दी मुक्ति मिल सकती है। हमने जल्दी ही पीक का असर देख लिया था ऐसे में लग रहा है जून के पहले हफ्ते तक केस बहुत कम हो जाएंगे और जल्द ही कुछ अच्छी खबर मिल सकती है।
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कोरोना वायरस की तासरी लहर आएगी?
- फोटो : Social media
क्या तीसरी लहर भी आएगी?
लंदन में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सौरभ गोयल बताते हैं कई जगहों पर तीसरी लहर को लेकर चर्चा हो रही है, इसकी प्रकृति कैसे होगी फिलहाल कहना थोड़ा कठिन है। हालांकि इसके ज्यादा गंभीर होने की आशंका कम है क्योंकि तब तक ज्यादातर लोगों का टीकाकरण हो चुका होगा। लंदन और भारत दोनों ही जगहों पर टीकाकरण तेजी से किया जा रहा है, ऐसे में उम्मीद है कि यह तीसरी लहर को ज्यादा आक्रामक होने से रोकेगी।
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नोट: यह लेख वरिष्ठ श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ आशीष जैन, महामारी विशेषज्ञ डॉ दीपक, लंदन में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सौरभ गोयल और डॉ ऋचा गुप्ता (श्वास रोग विशेषज्ञ, वेल्लौर) से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें तथा किसी भी दवा का सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के न करें।
लंदन में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सौरभ गोयल बताते हैं कई जगहों पर तीसरी लहर को लेकर चर्चा हो रही है, इसकी प्रकृति कैसे होगी फिलहाल कहना थोड़ा कठिन है। हालांकि इसके ज्यादा गंभीर होने की आशंका कम है क्योंकि तब तक ज्यादातर लोगों का टीकाकरण हो चुका होगा। लंदन और भारत दोनों ही जगहों पर टीकाकरण तेजी से किया जा रहा है, ऐसे में उम्मीद है कि यह तीसरी लहर को ज्यादा आक्रामक होने से रोकेगी।
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नोट: यह लेख वरिष्ठ श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ आशीष जैन, महामारी विशेषज्ञ डॉ दीपक, लंदन में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सौरभ गोयल और डॉ ऋचा गुप्ता (श्वास रोग विशेषज्ञ, वेल्लौर) से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें तथा किसी भी दवा का सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के न करें।