शरीर में पथरी बनने की समस्या काफी दर्दकारक हो सकती है। मुख्यरूप से किडनी और पित्त की थैली में पथरी बनने की दिक्कत देखी जाती रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किसी भी उम्र में आप पथरी की दिक्कतों के शिकार हो सकते हैं। किडनी स्टोन को अधिक आम माना जाता है। आमतौर पर पथरी तब बनती है जब मूत्र में क्रिस्टल बनाने वाले कुछ पदार्थों की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है। कैल्शियम की अधिकता के कारण ये दिक्कत होना सबसे आम है।
सावधान: इन चीजों का अधिक सेवन करते हैं तो हो सकती है पथरी, बचाव के लिए इन बातों को जानना जरूरी
किडनी और पित्ताशय में पथरी की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वयस्कों से लेकर बुजुर्गों तक किसी भी व्यक्ति को स्टोन की दिक्कत हो सकती है। किडनी और पित्ताशय में स्टोन का निर्माण अधिक देखा जाता है। किडनी में बनने वाली पथरी कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड जैसे खनिजों के छोटे क्रिस्टल से बनी होती है। पित्ताशय की पथरी कोलेस्ट्रॉल या फिर ऑक्सालेट की अधिकता के कारण हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आहार में यदि ऑक्सलेट वाली चीजों की मात्रा को सीमित कर दिया जाए तो इससे पथरी बनने के जोखिमों को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि किन चीजों के अधिक सेवन से पथरी की दिक्कत बढ़ जाती है?
ऑक्सलेट वाली चीजों का सेवन कम करें
ऑक्सलेट प्राकृतिक रूप से कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, जिनमें फल और सब्जियां, नट्स और सीड्स, यहां तक कि चॉकलेट और चाय भी शामिल हैं। मूंगफली, पालक, चुकंदर और शकरकंद के सेवन से शरीर में इसकी अधिकता हो सकती है। इन खाद्य पदार्थों का सेवन वैसे तो शरीर के लिए कई प्रकार से लाभप्रद है पर इसकी अधिकता किडनी और पित्त की थैली में स्टोन को बढ़ाने वाली हो सकती है। यदि आपको पहले से किडनी में स्टोन रह चुका है तो इन चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए।
ज्यादा सोडियम से भी बचें
सोडियम की अधिकता वाली चीजें ब्लड प्रेशर का प्रमुख कारक मानी जाती रही हैं, नमक को सोडियम का स्रोत माना जाता है। क्या आप जानते हैं कि अधिक मात्रा में नमक वाली चीजों के सेवन के कारण भी स्टोन होने का खतरा बढ़ जाता है। अतिरिक्त सोडियम के कारण आपके मूत्र में कैल्शियम की मात्रा बढ़ सकती है। हाई सोडियम वाले आहार के कारण पथरी होने की आशंका भी बढ़ सकती है।
प्यूरीन वाली चीजें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सोडियम और ऑक्सलेट वाली चीजों की ही तरह से रेड मीट और कुछ प्रकार की मछलियों में उच्च मात्रा में प्यूरीन नामक प्राकृतिक रासायनिक यौगिक होता है। हाई प्यूरीन वाली चीजों के सेवन से यूरिक एसिड का उत्पादन बढ़ जाता है और ये मूत्र को अधिक अम्लीय बनी देती है। मूत्र में एसिड की अधिकता के कारण पथरी बनने का जोखिम बढ़ जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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