शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम सबसे जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, शरीर के भीतर निरंतर कई ऐसी प्रक्रियाएं होती रहती हैं जिससे शरीर अंदर की गंदगी को लगातार साफ करता रहता है। किडनी और लिवर की इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किडनी लगातार काम करते हुए खून को फिल्टर करते रहने के साथ शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालती रहती है।
जानना जरूरी: ब्लड टेस्ट में आया है हाई यूरिया लेवल? कहीं ये किसी गंभीर समस्या की तरफ संकेत तो नहीं
ब्लड टेस्ट में यूरिया का स्तर बढ़ना हमेशा किडनी की बीमारी का संकेत नहीं होता। डिहाइड्रेशन, ज्यादा प्रोटीन, कुछ दवाएं और अन्य बीमारियां भी इसकी वजह हो सकती हैं। क्रिएटिनिन, ईजीएफआर और यूरिन टेस्ट से इसकी समस्या के बारे में पता लगाया जा सकता है।
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि शरीर में पानी की कमी, डाइट में ज्यादा प्रोटीन लेने या किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर इसका स्तर बढ़ सकता है। अगर रिपोर्ट में यूरिया का लेवल हाई आया है तो कब आपको अलर्ट हो जाना चाहिए?
शरीर में यूरिया बनता क्यों है?
- जब हम दाल, दूध, अंडे और मांस जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ खाते हैं, तो शरीर उन्हें तोड़कर इस्तेमाल करता है। इस प्रक्रिया में अमोनिया बनता है, जिसे लिवर यूरिया में बदल देता है। इसके बाद किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकालती है। यूरिया का बनना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इसका स्तर बढ़ना किसी समस्या का संकेत हो सकता है।
यूरिया बढ़ने के क्या कारण हो सकते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खून में यूरिया कई कारणों से बढ़ सकता है। हाई यूरिया लेवल कई बार छिपी हुई बीमारियों की ओर संकेत भी देता है।
- किडनी ठीक से खून फिल्टर नहीं कर पाती, तो यूरिया जमा होने लगता है। ऐसा आमतौर पर एक्यूट किडनी इंजरी या क्रॉनिक किडनी डिजीज में देखा जाता रहा है।
- कम पानी पीने, उल्टी, दस्त या ज्यादा पसीना आने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, अगर ये समस्याएं लंबे समय तक बनी रहती हैं तो इससे भी यूरिया बढ़ सकता है।
- बहुत अधिक प्रोटीन वाला भोजन या प्रोटीन सप्लीमेंट भी यूरिया के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं।
- पेट या आंतों से ब्लीडिंग के कारण भी यूरिया बढ़ सकता है।
बिना टेस्ट के कैसे जानें यूरिया लेवल बढ़ तो नहीं गया?
आमतौर पर यूरिया का स्तर जानने के लिए खून की जांच कराना जरूरी माना जाता है। हालांकि कुछ संकेत हैं जिन्हें लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहना चाहिए।
- किडनी की गंभीर समस्या होने पर यूरिया लेवल बढ़ने लगता है। इसके कारण आपको थकान, भूख कम लगने, चेहरे और पैरों में सूजन, पेशाब की मात्रा में बदलाव, मांसपेशियों में ऐंठन और नींद की परेशानी हो सकती है। गंभीर स्थिति में मतली, उल्टी, भ्रम या सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है।
- किडनी की समस्याओं और यूरिक बढ़ने के कारणों को समझने के लिए डॉक्टर यूरिया के साथ सीरम क्रिएटिनिन और ईजीएफआर की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। इनसे किडनी की फिल्टर करने की क्षमता का पता चलता है। अगर ब्लड रिपोर्ट में हाई यूरिया आया है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।