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इन टिप्स को आजमाकर आप भी गर्मियों को दे सकते हैं मात,जानिए कैसे
रेणु जैन
Updated Mon, 09 Apr 2018 09:43 AM IST
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- फोटो : self
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गर्मी के मौसम ने दस्तक दे दी है। इससे घबराने के बजाए थोड़ी सी तैयारी करें और खान-पान सहित दिनचर्या में बदलाव कर इसका स्वागत करें। सर्दी के जाते ही तपती गर्मी के मौसम ने दस्तक दे दी है। इसको लेकर घबराने की जरूरत नहीं है । इससे निपटने के लिए थोड़ी-सी तैयारी कीजिए। कुछ छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दीजिए और फिर गर्मी के इस मौसम का आनंद उठाइए। गर्मी से बचने के लिए अगर इन छोटी-छोटी बातों पर अमल करें तो काफी राहत मिलेगी।
सुबह उठें और घूमने जाएं
ऐसा कहा जाता है कि समय पर सोना और समय से उठना स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होता है। ऐसा करने से शारीरिक और मानसिक स्थिति सुदृढ़ होता है। गर्मी के मौसम में सूरज उगने से पहले का समय ठंडा और खुशनुमा होता है। इस समय व्यायाम करना काफी लाभदायक होता है। व्यायाम उम्र के हिसाब से हलके और भारी हो सकते हैं।
साथ ही योग, प्राणायाम और ध्यान करने से आप इस जल्दी थका देने वाले मौसम में भी न सिर्फ चुस्त-दुरुस्त रहेंगे बल्कि तनाव, चिंता, हताशा एवं अवसाद से भी मुक्ति पा सकेंग। यदि व्यायाम करना संभव न हो तो सिर्फ टहलने निकल जाएं। हो सके तो थोड़ी दूर तेज चलें। चिड़ियों की चहचहाहट के बीच बागवानी करें। इससे आपको नई ऊर्जा मिलती है, जिससे आप पूरे दिन के लिए उत्साह एवं उमंग से भर जाते हैं।
ऐसा कहा जाता है कि समय पर सोना और समय से उठना स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होता है। ऐसा करने से शारीरिक और मानसिक स्थिति सुदृढ़ होता है। गर्मी के मौसम में सूरज उगने से पहले का समय ठंडा और खुशनुमा होता है। इस समय व्यायाम करना काफी लाभदायक होता है। व्यायाम उम्र के हिसाब से हलके और भारी हो सकते हैं।
साथ ही योग, प्राणायाम और ध्यान करने से आप इस जल्दी थका देने वाले मौसम में भी न सिर्फ चुस्त-दुरुस्त रहेंगे बल्कि तनाव, चिंता, हताशा एवं अवसाद से भी मुक्ति पा सकेंग। यदि व्यायाम करना संभव न हो तो सिर्फ टहलने निकल जाएं। हो सके तो थोड़ी दूर तेज चलें। चिड़ियों की चहचहाहट के बीच बागवानी करें। इससे आपको नई ऊर्जा मिलती है, जिससे आप पूरे दिन के लिए उत्साह एवं उमंग से भर जाते हैं।
पानी और घरेलु पेय पदार्थ पिएं
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से हमारे शरीर को प्रतिदिन कम से कम ढाई लीटर पानी की जरूरत होती है। लेकिन, यह भी कहा जाता है कि जितना पानी पीया जाए, शरीर के लिए उतना ही अच्छा है। हमारी किडनी में इतनी क्षमता होती है कि वह ज्यादा पानी को यूरिन के द्वारा शरीर से बाहर निकाल देती है।
गर्मी में तो नियम बना लेना चाहिए कि नहीं भी प्यास लगे तो भी पानी पीएं। गर्मी में पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी के साथ-साथ पोषक तत्वों का भी क्षरण होता है। इसकी पूर्ति तरल पेय पदार्थों से की जाती है। इसके लिए कृत्रिम पेय पदार्थों के बजाए मटके का ठंडे पानी, छांछ, खस, चंदन आदि का शर्बत एवं फलों के रस का उपयोग किया जा सकता है। इससे जहां शरीर में जल का स्तर सामान्य बना रहता है वहीं, पोषक तत्व भी मिलते हैं ।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से हमारे शरीर को प्रतिदिन कम से कम ढाई लीटर पानी की जरूरत होती है। लेकिन, यह भी कहा जाता है कि जितना पानी पीया जाए, शरीर के लिए उतना ही अच्छा है। हमारी किडनी में इतनी क्षमता होती है कि वह ज्यादा पानी को यूरिन के द्वारा शरीर से बाहर निकाल देती है।
गर्मी में तो नियम बना लेना चाहिए कि नहीं भी प्यास लगे तो भी पानी पीएं। गर्मी में पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी के साथ-साथ पोषक तत्वों का भी क्षरण होता है। इसकी पूर्ति तरल पेय पदार्थों से की जाती है। इसके लिए कृत्रिम पेय पदार्थों के बजाए मटके का ठंडे पानी, छांछ, खस, चंदन आदि का शर्बत एवं फलों के रस का उपयोग किया जा सकता है। इससे जहां शरीर में जल का स्तर सामान्य बना रहता है वहीं, पोषक तत्व भी मिलते हैं ।
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ताजा तथा हल्का खाना खाइए
याद रखें कि मानव शरीर प्रभु की सर्वश्रेष्ठ कृति है। इसे स्वस्थ एवं निरोग रखना प्रत्येक मनुष्य का प्रथम कर्तव्य एवं धर्म है। यह तभी संभव होगा, जब हमारा आहार-विहार मौसम के अनुसार होगा। गर्मी के दिनों में अपच, उल्टियां, लूज मोशन की शिकायतें आम बात हैं।
इनसे बचने के लिए जरूरी है कि दोनों समय ताजा और हल्का भोजन ग्रहण करें। ऐसे भोजन में आसानी से पचने वाला अन्न, हरी सब्जी, सलाद, फल आदि उपयोग में लाए जा सकते हैं। भोजन ताजा रहे तो वह आसानी से पच सकेगा। यदि बासी रहा तो उससे तबीयत बिगड़ने की पूरी संभावना बनी रहती है।
याद रखें कि मानव शरीर प्रभु की सर्वश्रेष्ठ कृति है। इसे स्वस्थ एवं निरोग रखना प्रत्येक मनुष्य का प्रथम कर्तव्य एवं धर्म है। यह तभी संभव होगा, जब हमारा आहार-विहार मौसम के अनुसार होगा। गर्मी के दिनों में अपच, उल्टियां, लूज मोशन की शिकायतें आम बात हैं।
इनसे बचने के लिए जरूरी है कि दोनों समय ताजा और हल्का भोजन ग्रहण करें। ऐसे भोजन में आसानी से पचने वाला अन्न, हरी सब्जी, सलाद, फल आदि उपयोग में लाए जा सकते हैं। भोजन ताजा रहे तो वह आसानी से पच सकेगा। यदि बासी रहा तो उससे तबीयत बिगड़ने की पूरी संभावना बनी रहती है।
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दो बार स्नान कीजिए
वैसे तो कई लोग दिनभर तरोताजा रहने के लिए पूरे साल ही दो बार नहाते हैं, लेकिन गर्मियों में ताजगी की जरूरत ज्यादा पड़ती है। इस मौसम में यदि दो समय ठंडे पानी से स्नान किया जाए तो थकान उतरने तथा पसीने के साफ हो जाने से जो ताजगी आएगी, वह फिर सुबह जैसे उत्साह का संचार करेगी। कोशिश यह भी की जा सकती है कि दिन में दो बार कपड़े बदलें।
यदि स्नान करने के लिए सुबह या शाम में किसी स्वीमिंग पूल में जा सकें तो यह बहुत ही अच्छा होगा, क्योंकि इससे न सिर्फ शरीर स्वच्छ होगा, बल्कि पूरे शरीर की एक्सरसाइज भी हो जाएगी। तैरने को वैसे भी बहुत अच्छा व्यायाम माना गया है ।
वैसे तो कई लोग दिनभर तरोताजा रहने के लिए पूरे साल ही दो बार नहाते हैं, लेकिन गर्मियों में ताजगी की जरूरत ज्यादा पड़ती है। इस मौसम में यदि दो समय ठंडे पानी से स्नान किया जाए तो थकान उतरने तथा पसीने के साफ हो जाने से जो ताजगी आएगी, वह फिर सुबह जैसे उत्साह का संचार करेगी। कोशिश यह भी की जा सकती है कि दिन में दो बार कपड़े बदलें।
यदि स्नान करने के लिए सुबह या शाम में किसी स्वीमिंग पूल में जा सकें तो यह बहुत ही अच्छा होगा, क्योंकि इससे न सिर्फ शरीर स्वच्छ होगा, बल्कि पूरे शरीर की एक्सरसाइज भी हो जाएगी। तैरने को वैसे भी बहुत अच्छा व्यायाम माना गया है ।