Medically Reviewed by Dr. I.N. Vajpai
न्यूरो सर्जन
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.एस (जनरल सर्जरी), एमसीएच (न्यूरो सर्जरी), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
अनुभव- 45 वर्ष
शरीर के स्वस्थ रहने के लिए हड्डियों का मजबूत रहना बहुत जरूरी होता है। अगर हड्डियां कमजोर होंगी तो जाहिर है उससे कई सारी दिक्कतें पैदा होंगी। उठने-बैठने, खड़े होने और चलने-फिरने में कठिनाई हो सकती है। अगर हड्डियां मजबूत रहेंगी तो इससे जोड़ों में दर्द, पीठ दर्द आदि का खतरा भी कम होता है। हालांकि आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग खुद की सेहत पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते और बाद में स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों का सामना करने लगते हैं, जिसमें हड्डियों का कमजोर होना भी शामिल है। ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसमें हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि उनके अप्रत्याशित फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल, इस बीमारी के कारण हड्डी के घनत्व में कमी आ जाती है, जिससे उनके टूटने की संभावना अधिक हो जाती है। लेकिन हड्डियों के कमजोर होने की समस्या को दूर भी किया जा सकता है। इसके लिए कुछ आदतों में बदलाव बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं इन आदतों के बारे में...
सेहत का रखें ख्याल: हड्डियों को कमजोर बना देती हैं ये चार आदतें, आज ही बदल दें
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व्यायाम या कसरत न करना
- शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना बहुत जरूरी होता है, लेकिन आज के समय में लोग ज्यादातर बैठे ही रहते हैं, चाहे वो दफ्तर हो या घर। इसका असर हड्डियों पर भी पड़ता है। अक्सर बैठे रहने और व्यायाम नहीं करने से हड्डियों का आकार बिगड़ जाता है और वो कमजोर हो जाती हैं। इसलिए जरूरी है कि इस आदत को बदल दें और नियमित रूप से व्यायाम करें।
अधिक वजन घटाना
- आज के समय में लोग वजन घटाने पर विशेष रूप से ध्यान दे रहे हैं। ये अच्छा भी होता है, लेकिन वजन का सामान्य होना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि अगर आपने बहुत अधिक वजन घटा लिया तो इसका हड्डियों पर बुरा असर पड़ता है। अधिक वजन घट जाने से भी ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अगर आपका वजन ज्यादा है तो घटाएं, लेकिन सामान्य से अधिक नहीं। इसके लिए आप डॉक्टर से राय ले सकते हैं।
धूप न लेना
- क्या आप भी हमेशा धूप से बचते हैं और छांव में रहना पसंद करते हैं? तो जान लें कि ये आदत आपकी हड्डियों को कमजोर बना सकती है। दरअसल, विटामिन-डी की कमी से हड्डियां कमजोर होती हैं और ये विटामिन-डी आपको धूप से मिल सकता है। इसलिए अपनी हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए यह जरूरी है कि आप नियमित रूप से 15-20 मिनट सुबह की धूप लें।
नमक का अधिक सेवन
- कई लोगों की यह आदत होती है कि वो खाने के ऊपर से भी नमक ले लेते हैं, यानी अधिक मात्रा में नमक का सेवन करते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो सतर्क हो जाएं, क्योंकि नमक का अधिक सेवन हड्डियों से कैल्शियम की मात्रा को कम कर देता है, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इस आदत को जितनी जल्दी हो बदल दें।
नोट: डॉ. आईएन वाजपई अत्यधिक योग्य और अनुभवी न्यूरो सर्जन हैं। इन्होंने लखनऊ के केजीएमसी से अपना एमबीबीएस किया है। इसके बाद इन्होंने जनरल सर्जरी में एमएस किया और न्यूरो सर्जरी में एमसीएच की पढ़ाई की है। इन्होंने 1996 में कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम किया और 2012 में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में रिटायर हुए। डॉक्टर आईएन वाजपाई आईएमए एंड न्यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉक्टर वाजपई को 45 वर्षों का अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।