लोग वैसे तो अपनी सेहत के प्रति पहले से काफी चिंतित थे ही, लेकिन कोरोना वायरस महामारी ने इस चिंता को कई गुना बढ़ा दिया। इसके बाद से अब लोग अपने खानपान और अपने रहन-सहन पर पूरा ध्यान दे रहे हैं, ताकि वो किसी गंभीर बीमारी का शिकार न हो जाए। लेकिन प्रदूषण से भरे इस वातावरण की वजह से हमारे फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे में हमें दिल और सांस से जुड़ी कई बीमारियों का शिकार होने का डर है। तो चलिए आपको कुछ ऐसे मसालों के बारे में बताते हैं, जिनके सेवन से आपको अपने फेफड़ों को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है।
फेफड़ों को रखना हो स्वस्थ, तो अपने भोजन में शामिल करें ये खास मसाले
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हल्दी को हमारे शरीर के लिए संजीवनी बूटी की तरह माना जाता है। हल्दी कई रोगों को खत्म करने के लिए भी जानी जाती है। इसमें एंटी-सेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण पाए जाते हैं, जो सूजन को कम और वायु को साफ करने का काम करते हैं। साथ ही हल्दी एंटी वायरल भी होती है, जो हमारे फेफड़ों को संक्रमण से सुरक्षित रखती है। ऐसे में हमें अपने भोजन में हल्दी का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही हल्दी वाला दूध तो हमारे शरीर को फायदे देने के लिए जाना ही जाता है। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने भी जुलाई 2020 में ऑल इंडिया रेडियो को दिए एक साक्षात्कार में हल्दी के फायदों के बारे में बताया था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि बहुत ज्यादा हल्दी का सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है।
गिलोय हमारे शरीर के लिए काफी जरूरी और महत्वपूर्ण होता है। इसके सेवन से हम कई तरह की बीमारियों से दूर रह सकते हैं। कोरोना काल में तो लोगों में इसकी मांग काफी बड़ी, क्योंकि ये हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में काफी मदद कर सकता है। यही नहीं गिलोय में पाए जाने वाले एंटीमाइक्रोबियल गुण वायरस से होने वाली बीमारियों से फेफड़ों को सुरक्षित रखने में हमारी मदद करते हैं। इसके अलावा गिलोय के सेवन से ये सूजन को कम करने में भी मदद करता है। स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी प्रदान करने वाली वेबसाइट 1एमजी.कॉम के मुताबिक, आयुर्वेद के आचार्य और योग गुरु बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण कहते हैं कि गिलोय के बारे में आयुर्वेदिक ग्रंथों में भी बहुत सारी फायदेमंद बातें बताई गई हैं। उनका कहना है कि आयुर्वेद में गिलोय को रसायन माना गया है, जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।
पेट में कुछ गड़बड़ हो तो हम सबसे पहले घरेलू नुस्खे के तौर पर गुनगुने पानी के साथ अजवाइन का सेवन करते हैं। अजवाइन का इस्तेमाल जायके में मसाले के रूप में भी किया जाता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स सूजन को कम करने में मदद करने के लिए जाने जाते हैं। ये सांस मार्ग को आराम पहुंचाते हैं और फेफड़ों को साफ करने में भी कारगर माने जाते हैं। इसलिए हमें अपने भोजन में अजवाइन को जरूर शामिल करना चाहिए। कई विशेषज्ञ भी अजवाइन को स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बताते हैं।
जब आप पास्ता या फिर मोमोज खाते होंगे, तो उसके ऊपर आपने ऑरेगैनो डालकर तो खूब खाया होगा, जो कि स्वाद बढ़ाने का काम करता है। यहां आपको ये बता दें कि अजवायन की पत्ती को ही अंग्रेजी में ऑरेगैनो कहते हैं। इसमें बायोएक्टिव कंपाउंड पॉलीफेनोल्स और फ्लेवोनॉयड्स पाए जाते हैं। ऑरेगैनो हिस्टामिन कम होता है जो सूजन की वजह से होती है। इसके एंटीमाइक्रोबियन गुण हमें संक्रमण और रोगों से बचाने में काफी मदद करते हैं।
नोट: यह सलाह केवल आपको सामान्य जानकारी प्रदान करने के लिए दी गई है। आप किसी भी चीज का सेवन या कोई भी घरेलू उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।