सर्दियों के मौसम में खान-पान की कई ऐसी चीजें उपलब्ध होती हैं, जिनका सेवन करना सेहत के लिए विशेष लाभदायक हो सकता है। शकरकंद ऐसा ही एक खाद्य पदार्थ है जिसके सेवन को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद मानते हैं। शकरकंद को फाइबर, पोटेशियम, विटामिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत माना जाता हैं, जोकि इसे सर्दियों का 'सुपरफूड' बनाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शकरकंद को आहार में शामिल करके आप कई तरह के स्वास्थ्य जोखिमों को कम कर सकते हैं।
आज का हेल्थ टिप्स: कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर है सर्दियों का यह 'सुपरफूड', क्या आप करते हैं सेवन?
डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद
शकरकंद को डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद माना जाता है। साल 2008 में हुए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि शकरकंद के अर्क से टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार किया जा सकता है। इससे पहले साल 2000 में प्रयोगशाला अध्ययन में डायबिटीज वाले चूहों को 8 सप्ताह के लिए शकरकंद या ट्रोग्लिटाज़ोन नामक इंसुलिन सेंसिटाइज़र दिया गया। अध्ययन में पाया गया कि शकरकंद का सेवन करने वालों में इंसुलिन प्रतिरोध के स्तर में सुधार हुआ।
हृदय रोगों से मिलती है सुरक्षा
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) के अनुसार हृदय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए लोगों को हाई पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। शकरकंद की 124 ग्राम सर्विंग से 259 मिलीग्राम पोटेशियम प्राप्त किया जा सकता है। वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार सभी वयस्कों को प्रति दिन 4,700 मिलीग्राम पोटेशियम का सेवन करना चाहिए।
पाचन स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद
अध्ययनों से पता चलता है कि शकरकंद में फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो कब्ज को रोकने और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकती है। इसके अलावा, कुछ अध्ययनों में कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए भी हाई फाइबर वाले आहार के सेवन की सलाह दी जाती है। इन सभी के लिए शकरकंद का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।