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अध्ययन: कोविड से ठीक हो चुके एक तिहाई लोगों को हो रही है यह गंभीर समस्या, जानें किन्हें सबसे ज्यादा खतरा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Thu, 08 Apr 2021 05:46 PM IST
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कोविड-19 का दिख रहा है असर
- फोटो : pixabey
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कोविड-19 के प्रकोप को एक साल से ज्यादा का समय हो गया है। दुनियाभर में कोविड के 13 करोड़ 38 लाख से ज्यादा मामले अब तक सामने आ चुके हैं। कोविड-19 ने लोगों को न केवल शारीरिक रूप से प्रभावित किया है, साथ ही इसका असर मानसिक सेहत पर भी देखने को मिल रहा है। कोविड-19 से ठीक हो चुके रोगियों को इसके बाद कई प्रकार की गंभीर शारीरिक समस्याओं के साथ कई तरह के मानसिक विकारों का भी सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने पाया है कि कोविड-19 से ग्रस्त रह चुके ज्यादातर लोगों में न्यूरोलॉजिकल विकार देखने को मिल रहे हैं।
इस अध्ययन ने लोगों को अजीब प्रकार की चिंता में डाल दिया है। आइए जानते हैं इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने किन विशेष बातों का जिक्र किया है।
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मानसिक रोग के हो रहे हैं शिकार
- फोटो : iStock
द लैंसेट साइकियाट्री जर्नल में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन के अनुसार कोविड-19 संक्रमण से ठीक हो चुके तीन में से एक रोगी में न्यूरोलॉजिकल या मनोरोग विकारों का निदान किया जा रहा है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए अध्ययन में छह महीने की अवधि के लिए अमेरिका में 2,36,379 रोगियों के डेटा का विश्लेषण किया गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
अध्ययन के लिए 20 जनवरी 2020 के बाद कोविड-19 के सकारात्मक परीक्षण वाले 10 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के डेटा को शामिल किया गया। इस डेटा की तुलना इन्फ्लूएंजा से पीड़ित 1,05,579 रोगियों और अन्य श्वसन रोगों से संक्रमित 2,36,038 रोगियों के साथ की गई। शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि अध्ययन में शामिल 34% कोरोनोवायरस रोगियों को संक्रमण के छह महीने बाद न्यूरोलॉजिकल या मानसिक स्वास्थ्य विकार के लक्षण दिखाई दिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
शोधकर्ताओं ने पाया कि 17 फीसदी रोगी चिंता विकार, 14 फीसदी में मूड विकारों, 7 फीसदी व्यक्तियों को मादक द्रव्यों के सेवन और 5 फीसदी लोगों को अनिद्रा का शिकार पाया गया। इस अध्ययन के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या कोविड-19 से ठीक हो चुके सभी लोगों को ऐसी दिक्कतें हो सकती हैं?
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मस्तिष्क पर देखा जा रहा है असर
- फोटो : pixabay
विशेषज्ञों ने बताया कि कोविड-19 केवल श्वसन संबंधी बीमारी नहीं है, यह शरीर के अन्य भागों को भी प्रभावित कर सकती है। इसका असर छह माह से अधिक समय तक व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक स्थितियों पर भी देखा जा सकता है। कोविड से ठीक हो चुके लोगों ने अक्सर मस्तिष्क में गंभीर सूजन, स्ट्रोक और दौरे पड़ने जैसी दिक्कतों की शिकायत की है।
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