कैंसर, वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। हर साल तमाम प्रकार के कैंसर के कारण दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत हो जाती है। भारत में भी इसका खतरा काफी तेजी से बढ़ता हुआ रिपोर्ट किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आनुवांशिकता, आहार की गड़बड़ी, धूम्रपान जैसी कुछ स्थितियां कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती हैं, सभी लोगों को अपने जोखिम कारकों पर ध्यान देते हुए इससे बचाव के तरीकों को प्रयोग में लाते रहना चाहिए।
सावधान: कैंसर से बचाने वाला पोषक तत्व, इन स्थितियों में स्वयं बढ़ा सकता है कैंसर का खतरा, विशेषज्ञों ने चेताया
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
आहार विशेषज्ञ बताते हैं, एंटीऑक्सिडेंट्स, विटामिन, सेलेनियम, मैंगनीज, लाइकोपीन और बीटा-कैरोटीन जैसे विभिन्न यौगिकों का समूह होता है, जो मुक्त कणों से शरीर की कोशिकाओं को होने वाली क्षति को रोकने के साथ असमान्य कोशिकाओं की वृद्धि के जोखिम को कम करने में मदद करता है। अध्ययनों में पाया गया है कि यदि संयमित मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट्स का रोजाना सेवन किया जाए तो इससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रहने में मदद मिल सकती है।
हालांकि यदि आप बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीऑक्सिडेंट्स के सप्लीमेंट्स अधिक मात्रा में सेवन कर रहे हैं, तो इससे कई प्रकार का जोखिम हो सकता है। यह स्वस्थ कोशिकाओं और सेलुलर कंपाउंड्स को क्षति पहुंचाकर शरीर में बहुत सारे खतरनाक दुष्प्रभाव पैदा कर सकती है। आइए इस बारे में आगे जानते हैं।
एंटीऑक्सिडेंट्स की अधिकता से कैंसर का खतरा
एंटीऑक्सिडेंट्स की अधिकता भी शरीर के लिए नुकसानदायक होती है। नवंबर 1996 में "जर्नल ऑफ़ द नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट" में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग पहले से धूम्रपान करते हैं, अगर वह अधिक मात्रा में बीटा-कैरोटीन सप्लीमेंट्स की सेवन शुरू कर देते हैं तो उनमें फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसी तरह ऑफिस ऑफ डाइटरी सप्लीमेंट्स के एक अध्ययन के अनुसार, प्रतिदिन 150 आईयू से ऊपर की खुराक रक्तस्रावी स्ट्रोक के जोखिम को भी बढ़ा सकती है।
गंभीर हृदय रोगों का जोखिम
क्लीवलैंड क्लिनिक द्वारा किए गए अध्ययनों के एक मेटा-विश्लेषण में पाया गया कि बीटा-कैरोटीन की अधिकता (विशेषकर सप्लीमेंट्स के माध्यम से) कुछ लोगों में हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाने वाली भी हो सकती है, कुछ स्थितियों में इसके जानलेवा दुष्प्रभावों का भी जोखिम देखा गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इंटरनेट से बीटा-कैरोटिन के लाभ पढ़कर खुद से ही इसके सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देना आपके लिए घातक हो सकता है।
एंटीऑक्सिडेंट्स की अधिकता के अन्य दुष्प्रभाव
शोधकर्ताओं ने पाया कि कई लोगों में देखा गया है कि एंटीऑक्सिडेंट सप्लीमेंट्स के साथ अगर आप विटामिन-ई की भी खुराक ले रहे हैं तो इसके कारण भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम हो सकता है। इसके अलावा आहार के माध्यम से भी यदि आप एंटीऑक्सिडेंट्स का अधिक सेवन कर रहे हैं तो इसके कारण पाचन संबंधी समस्याएं जैसे कब्ज, दस्त और पेट खराब होने की दिक्कतों का अनुभव हो सकता है। हमेशा डॉक्टर्स की सलाह पर ही किसी सप्लीमेंट का सेवन किया जाना चाहिए।
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स्रोत और संदर्भ
Alpha-Tocopherol and beta-carotene supplements and lung cancer incidence in the alpha-tocopherol, beta-carotene cancer prevention study
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