क्या आप भी खर्राटे की समस्या से परेशान रहते हैं? यह काफी असहज करने वाली स्थिति हो सकती है। खर्राटे आने काफी कॉमन सी दिक्कत है और इसके कई कारण हो सकते हैं। क्या खर्राटे आना किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के कारण भी हो सकता है?
Snoring: क्यों आते हैं खर्राटे, कहीं ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
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ये स्थितियां बढ़ा सकती हैं जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो खर्राटे आने की समस्या किसी को भी हो सकती है पर कुछ स्थितियां आपमें इसके जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, महिलाओं की तुलना में पुरुषों में खर्राटे लेने या स्लीप एपनिया होने की आशंका अधिक होती है। इसके अलावा जो लोग अधिक वजन वाले या मोटापा से ग्रस्त होते हैं उनमें भी इस समस्या के विकसित होने का खतरा रहता है। शराब के अधिक सेवन की आदत भी आपमें खर्राटों का खतरा बढ़ा सकती है।
क्या ये किसी बीमारी का है संकेत?
जॉन्स हॉप्किंस मेडिसिन की रिपोर्ट के मुताबिक खर्राटे की समस्या के कई जोखिम कारक हो सकते हैं, पर खर्राटे लेने का मतलब यह नहीं है कि आपको कोई चिकित्सीय समस्या है ही। लेकिन कभी-कभी यह स्लीप एपनिया सहित गंभीर नींद विकारों का संकेत हो सकती है।
स्लीप एपनिया की समस्या में जोर से खर्राटे लेने और सांस लेने में रुकावट की समस्या भी बन सकती है, जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है।
स्लीप एपनिया पर गंभीरता से ध्यान देने का आवश्यकता
स्लीप एपनिया, गंभीर नींद विकार है जिसमें सांस बार-बार रुकने की भी दिक्कत होने लगती है। यदि आप जोर-जोर से खर्राटे लेते हैं और पूरी रात की नींद के बाद भी थकान महसूस करते हैं, तो आपको स्लीप एपनिया हो सकती है, इसका समय पर निदान और इलाज कराना आवश्यक हो जाता है।
स्लीप एपनिया एक खतरनाक स्थिति है जिसपर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इसके कारण हार्ट फेलियर जैसी समस्याओं का भी खतरा हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।