Medically Reviewed by Deepika Garg
दीपिका गर्ग
डाइटीशियन, आनंद वेलनेस सेंटर
डिग्री- एम.एस.सी, फूड एंड अप्लाइड न्यूट्रीशियन
अनुभव- 28 वर्ष
अधिकतर सब्जियों में टमाटर डाला जाता है। कई सारे लोग टमाटर खाना पसंद करते हैं लेकिन टमाटर खाते वक्त इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि जहां इसके सेवन के अपने फायदे हैं, वहीं अधिक मात्रा में इसे खाने से शरीर को नुकसान पहुंचता है। कई सारी बीमारियों में टमाटर का सेवन बहुत घातक साबित हो सकता है। रात में तो भूलकर भी टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए। यह पेट के लिए किसी जहर की तरह काम कर सकता है। अगली स्लाइड्स से जानिए अधिक मात्रा में टमाटर खाने से शरीर को क्या नुकसान पहुंच सकता है।
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नाक और गले में संक्रमण होने लगता है
- फोटो : Social Media
एलर्जी
कई लोगों को टमाटर खाने से एलर्जी होती है। टमाटर खाने के बाद मुंह, जीभ और चेहरे पर सूजन आने लगती है। इसके साथ ही नाक और गले में संक्रमण होने लगता है। नाक में बार-बार खुजली होने लगती है। यदि आपको टमाटर खाने के बाद बार-बार नाक के भीतर कुछ हो रहा है, गला से कुछ और नहीं खा पा रहे हैं तो टमाटर खाना छोड़ दें।
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पथरी भी हो सकती है
- फोटो : pixa
किडनी की समस्या
जिन लोगों को किडनी संबंधित समस्या है, वे भूलकर भी टमाटर का सेवन न करें। किडनी की समस्या होने पर पोटैशियम का अधिक सेवन आपके शरीर को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। टमाटर में बहुत अधिक मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है। जिससे कि ज्यादा टमाटर खाने से पथरी भी हो सकती है।
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पाचन के दौरान इसका विघटन होता है
- फोटो : सोशल मीडिया
शरीर से बदबू आना
टमाटर खाने से शरीर में से बदबू आने लगती है। टमाटर में टरपीन्स नामक एक तत्व पाया जाता है जो कि शरीर की दुर्गंध का कारण बनता है। पाचन के दौरान इसका विघटन होता है जिससे कि शरीर की दुर्गन्ध पैदा होती है इसलिए यात्रा आदि में इसका अधिक मात्रा में सेवन आपके लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।
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एसिड रिफ्लक्स की समस्या भी हो सकती है
- फोटो : social media
एसिडिटी
टमाटर अम्लीय होता है। अधिक मात्रा में टमाटर का सेवन करने से गैस्ट्रिक एसिड बनने लगता है। ज्यादा टमाटर खाने से एसिड रिफ्लक्स की समस्या भी हो सकती है, जिस वजह से रात में टमाटर खाकर सोने से सुबह उठकर घबराहट और उल्टी आदि होने लगती है। टमाटर पच नहीं पाते हैं इसलिए रात में इनके सेवन को नजरअंदाज करें।
नोट- यह लेख आनंद वेलनेस सेंटर की डाइटीशियन दीपिका गर्ग से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। दीपिका गर्ग पिछले 28 सालों से प्रैक्टिस कर रही हैं। उन्होंने अपनी डिग्री यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान, जयपुर से ली है।
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