कोरोना वायरस से जूझ रहे देशों में इसकी काट के लिए वैक्सीन, दवाओं और उपचार के अन्य तरीकों पर तमाम तरह के शोध हो रहे हैं। अधिकतर प्रयासों में सफलता भी मिल रही है, लेकिन ट्रायल के दौरान कुछ प्रोजेक्ट को झटका लगने की भी खबरें सामने आ रही हैं। वॉलेंटियर्स को साइडइफेक्ट होने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से ट्रायल को रोकना पड़ रहा है। अमेरिका में जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन के बाद एक और प्रोजेक्ट मोनोक्लोनल एंटीबॉडी उपचार के अंतिम चरण का ट्रायल रोकना पड़ा है। अमेरिकी कंपनी एली लिली (Eli Lilly) कोरोनो वायरस के इलाज के लिए मोनोक्लोनल एंटीबॉडी उपचार (Monoclone Antibody) के अंतिम चरण का ट्रायल कर रही थी।
कोरोना उपचार के अंतिम चरण का ट्रायल रुका, जॉनसन की वैक्सीन के बाद अमेरिका में यह दूसरा झटका
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एली लिली कंपनी ने संभावित सुरक्षा कारणों से अपने मोनोक्लोनल एंटीबॉडी उपचार के चल रहे ट्रायल पर रोक लगाई है। एली लिली कंपनी की प्रवक्ता मॉली मैक्कुली ने कहा कि कंपनी के लिए लोगों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। हम इस बात से अवगत हैं कि अत्यधिक सावधानी के चलते ACTIV-3 स्वतंत्र डेटा सुरक्षा निगरानी बोर्ड (DSMB) ने नामांकन को लेकर इसे रोकने की सिफारिश की गई है।
एली लिली कंपनी ने हाल ही में अपनी दो एंटीबॉडी दवाओं के कॉम्बिनेशन का ट्रायल डेटा प्रकाशित किया था। इसके अलावा एक एंटीबॉडी दवा की मोनोथेरपी का ट्रायल रिजल्ट भी प्रकाशित कराया था। LY-CoV555 के नतीजों में कंपनी ने बताया था कि कुछ अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखी गई थी, जिनमें केवल दो एलर्जिक साइडइफेक्ट गंभीर थे। हालांकि सारे मरीज बाद में ठीक भी हो गए थे।
कंपनी की प्रवक्ता मॉली ने कहा कि डीएसएमबी द्वारा इस अध्ययन में भाग लेने वाले प्रतभागियों की सुरक्षा को सावधानीपूर्वक सुनिश्चित करने के निर्णय का कंपनी समर्थन करती है। अमेरिका में कोरोना वायरस से जारी जंग में महामारी पर नियंत्रण के प्रयासों के बीच यह दूसरा झटका है। इससे पहले जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) को सुरक्षा कारणों से अपनी वैक्सीन के अंतिम चरण का ट्रायल रोकना पड़ा है। अमेरिका में महज 24 घंटे के भीतर उपचार के अन्य तरीके का भी ट्रायल रोक दिया गया।
ट्रायल के दौरान सहभागी हुआ था बीमार
जॉनसन रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्म के ग्लोबल हेड डॉ. मथाई मैमन ने मीडिया को बताया है कि कंपनी के पास जो जानकारी है, उसके अनुसार ट्रायल के दौरान एक वॉलेंटियर के बीमार पड़ जाने के कारण परीक्षण पर तत्काल रोक लगाई गई है। कंपनी के बयान के मुताबिक, कोविड-19 वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल को अभी अस्थाई तौर पर रोका गया है। कमियों को दूर कर आगे काम किया जाएगा।