दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा करने के साथ ही रूस की Sputnik V वैक्सीन सवालों और विवादों में घिर गई है। कई देशों के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का आरोप है कि वैक्सीन तैयार करने में दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया और न ही ट्रायल के परिणामों को रिसर्च जर्नल में प्रकाशित कराया गया। पंजीकरण के दौरान दिए गए दस्तावेजों से भी कई तरह के खुलासे हुए हैं, जो वैक्सीन की प्रभावकारिता को लेकर संशय पैदा करते हैं। इन तमाम आरोपों के बीच रूस की ओर से एक चौंकाने वाला दावा किया गया है। दावा है कि जो वैक्सीन विकसित की गई है, उसकी तैयारी रूस में छह साल से चल रही थी।
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Sputnik V पर लगे आरोपों के बाद रूस का बड़ा दावा, छह साल से तैयार कर रहे थे कोरोना की वैक्सीन
Fri, 14 Aug 2020 01:49 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Fri, 14 Aug 2020 01:49 PM IST
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Coronavirus Vaccine
- फोटो : Twitter@NewsAtIllinois
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
- दरअसल, वैश्विक दिशानिर्देश और परीक्षण पूरा किया बिना वैक्सीन बना लेने पर आरोपों और सवालों के बीच Sputnik V टीके को लेकर यह दावा किया गया है। गुरुवार को वैक्सीन के लिए फंडिंग जुटाने में लगे रूस के सॉवरेन वेल्थ फंड आरडीआईएफ के प्रमुख किरिल दमित्रिव ने कहा कि रूस में वैक्सीन की तैयारी छह साल से हो रही थी।
Coronavirus Vaccine Update
- फोटो : Pixabay/Amar Ujala
- दमित्रिव ने कहा कि पिछले कुछ सालों से हम इबोला, मर्स और सार्स वायरस की वैक्सीन विकसित कर रहे थे। ये वायरस कोरोना प्रजाति के ही वायरस हैं। कोविड-19 महामारी फैलाने वाला सार्स-कोव-2 भी मर्स से मिलता-जुलता वायरस है और मर्स की वैक्सीन बनाने के लिए हम दो साल से लगे हुए थे। इन्हीं कारणों से हम जल्दी टीका बनाने में कामयाब हो सके हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- दमित्रिव ने कहा कि दुनिया में अबतक मर्स की कोई वैक्सीन नहीं बनी है, जबकि इबोला के पहले टीके को दिसंबर 2019 में मंजूरी मिली है। उन्होंने कहा कि जो लोग रूसी टीके पर यकीन नहीं करते हैं, वे अपने टीके की तैयारी कर सकते हैं। दावा है कि रूस की वैक्सीन नवंबर-दिसंबर में वैश्विक बाजार में आ सकती है। हालांकि एस्ट्राजेनेका, मॉडर्ना के टीके भी परीक्षणों के बाद तब तक उत्पादन की दौड़ में होंगे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
संक्रमण थामने में भी सफल रहा रूस
- रूस ने कोरोना की पहली वैक्सीन बनाने का तो दावा किया ही, कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम करने में भी वह कई देशों से आगे रहा। आंकड़ों के अनुसार, मई में जहां रोजाना 10 हजार से ज्यादा नए मामले आ रहे थे, अब पांच हजार से भी कम केस सामने आ रहे हैं।