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Ringworm Infection: बहुत तेजी से फैलता है यह संक्रमण, इसके ड्रग रेजिस्टेंट होने का खतरा, बरसात में रहें सावधान

Thu, 06 Jul 2023 06:02 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 06 Jul 2023 06:02 PM IST
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दाद संक्रमण का जोखिम - फोटो : iStock

मानसून का यह मौसम मच्छरजनित रोगों के साथ कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों के जोखिम को बढ़ाने वाला भी माना जाता है। चूंकि नम वातावरण वायरस, बैक्टीरिया और फंगस के बढ़ने के लिए सबसे अनुकूल होता है, यही कारण है कि इन दिनों में पेट में संक्रमण और त्वचा की बीमारियों का जोखिम काफी अधिक होता है। रिंगवार्म संक्रमण जिसे बोलचाल की भाषा में दाद के रूप में भी जाना जाता है, यह भी मानसून के दिनों में आपके लिए समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है।



रिंगवार्म में भले ही वार्म शब्द (कीड़ा) का इस्तेमाल है पर वास्तव में यह कीड़ों से होने वाली बीमारी नहीं है। इस संक्रमण का मुख्य कारण फंगस है। दाद के संक्रमण को टिनिया या डर्माटोफाइटोसिस के नाम से भी जाना जाता है। इसमें त्वचा पर घावनुमा गोल छल्ले दिखते हैं, जिसमें तेज खुजली और जलन हो सकती है।

ये किसी एक हिस्से में शुरू होकर बाकी शरीर में भी फैल सकता है। इसे बहुत ही संक्रामक माना जाता है, जो एक से दूसरे व्यक्ति को काफी तेजी से हो सकता है।

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दाद पर ऐंटिफंगल उपचार का कम होता प्रभाव - फोटो : Pixabay

ड्रग रेजिस्टेंट दाद को लेकर विशेषज्ञ चिंतित

इसी साल मई में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में ड्रग रेजिस्टेंट दाद के पहले मामले का पता चला है। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार के दाद का संक्रमण गंभीर हो सकता है, क्योंकि सामान्य  ऐंटिफंगल उपचार का इसपर कोई प्रभाव नहीं होता है। 

न्यूयॉर्क शहर में एनवाईयू ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन में त्वचाविज्ञान के सहायक प्रोफेसर एव्रोम एस. कैपलान कहते हैं, "भारत सहित अन्य देशों को इस संक्रमण के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। दवा का असर न होना किसी छोटी सी बीमारी को भी गंभीर बना सकता है।

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मानसून में त्वचा का संक्रमण - फोटो : iStock

बहुत तेजी से फैल सकता है दाद का संक्रमण

दाद एक संक्रामक फंगल संक्रमण है, संक्रमित व्यक्ति से दूसरों में यह काफी तेजी से फैल सकता है। यह सिर्फ एक व्यक्ति से दूसरे में ही नहीं, बल्कि जानवरों, संक्रामक व्यक्ति के संपर्क वाली चीजों और संक्रमित मिट्टी से भी इंसानों में फैल सकता है। बहुत चुस्त कपड़े पहनने, साफ-सफाई का ध्यान न रखने, त्वचा से त्वचा के संपर्क के कारण भी इसका जोखिम हो सकता है।

मानसून के दिनों में चूंकि वातावरण में नमी हो जाती है, इसके कारण भी दाद हो सकता है। 

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दाद की समस्या - फोटो : iStock

दाद के लक्षण और इलाज के बारे में जानिए

दाद के चार प्रमुख लक्षण हैं- त्वचा में खुजली होना, अंगूठी के आकार के त्वचा पर गोल चकत्ते होने, सूजी-पपड़ीदार त्वचा और खुजली की दिक्कत होना। कुछ स्थितियों में त्वचा पर होने वाले चकत्तों में मवाद भर सकता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आमतौर पर दाद के अधिकतर मामले ओवर-द-काउंटर दवाओं, एंटीफंगल क्रीम, लोशन या पाउडर से ठीक हो जाते हैं, पर जिस तरह से ड्रग रेजिस्टेंट मामले बढ़ रहे हैं वह ज्यादा चिंता बढ़ाने वाले हैं।

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फंगल संक्रमण से करें बचाव - फोटो : Istock

बरसात के दिनों में बरतें विशेष सावधानी

डॉक्टर बताते हैं, बरसात के दिनों में बढ़ी हुई आर्द्रता कई फंगल संक्रमणों का कारण बनती है। आर्द्र, गीली और नम परिस्थितियां फंगस में वृद्धि और इसके तेजी से संक्रमण बढ़ाने के लिए उपयुक्त होती हैं, इसीलिए बारिश के मौसम में फंगल संक्रमण और दाद होना काफी आम माना जाता है। इससे बचाव के लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

नियमित रूप से स्नान और शैम्पू करें। कपड़े या हेयरब्रश जैसी व्यक्तिगत वस्तुएं साझा करने से बचें। अपने पैरों को साफ और सूखा रखें, साथ ही गीले या बहुत चुस्त कपड़े न पहनें। स्वच्छता का ध्यान रखकर इस समस्या के जोखिम को कम किया जा सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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