गर्भावस्था किसी भी महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत समय होता है, इस दौरान आपको सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान आप जो कुछ भी खाती-पीती हैं, जैसे जीवनशैली का पालन करती हैं उसका सीधा असर गर्भस्थ शिशु की सेहत पर भी पड़ता है। यही वजह है कि इस दौरान सभी महिलाओं को कुछ विशेष सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए।
जानना जरूरी: गर्भावस्था में ब्लड प्रेशर या शुगर बढ़े रहने से क्या दिक्कतें हो सकती हैं? डॉक्टर से जानिए
गर्भावस्था के दौरान आप जो कुछ भी खाती-पीती हैं, जैसे जीवनशैली का पालन करती हैं उसका सीधा असर गर्भस्थ शिशु की सेहत पर भी पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रेशर और शुगर का स्तर सामान्य से अधिक होना मां और शिशु दोनों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।
क्या कहता है डब्ल्यूएचओ?
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज (गेस्टेशनल डायबिटीज) करीब 25% गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करती है। यदि ये नियंत्रित न रहे तो मातृ और शिशु मृत्यु दर बढ़ाने वाली हो सकती है।
- ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपी रिपोर्ट के अनुसार, जिन महिलाओं को गर्भावस्था में हाई बीपी या शुगर रहा है, उन्हें भविष्य में कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (हृदय रोग) होने का खतरा 2–4 गुना अधिक हो सकता है।
गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर
ब्लड प्रेशर बढ़ने पर प्रीक्लेम्पसिया होता है। इसमें गर्भवती को हाई ब्लड प्रेशर, सिर दर्द, आंखों से धुंधला दिखाई देना, पेशाब में प्रोटीन बढ़ने, शरीर में सूजन आना, उल्टी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। जब यह स्थिति गंभीर रूप ले लेती है तो दौरे आने का खतरा भी बढ़ जाता है। गर्भवतियों की मौत की दूसरी सबसे बड़ी वजह एक्लेम्पसिया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं 100 में दस गर्भवतियों में प्रीक्लेम्पसिया का जोखिम रहता है। खराब जीवनशैली, 30 साल की उम्र के बाद गर्भधारण और मोटापा जैसी स्थितियां इसके खतरे को और भी बढ़ा देती हैं।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक बताती हैं कि प्रीक्लेम्पसिया का यदि समय पर इलाज न किया जाए तो जच्चा-बच्चा की मौत भी हो सकती है। इनमें प्लेसेंटा सही नहीं बन पाता है, रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं जिससे मां से बच्चे को खून सुचारू रूप से नहीं मिल पाता है। ब्लड सर्कुलेशन कम होने से गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का खतरा हो सकता है।
गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज की समस्या
इसी तरह गर्भकालीन मधुमेह की समस्या भी मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) और मेयो क्लिनिक के अनुसार, हाई ब्लड शुगर के स्तर से जन्म दोष, समय से पहले जन्म होनो, जन्म के समय बच्चे की मृत्यु होने या अधिक वजन वाले शिशुओं के जन्म का जोखिम बढ़ सकता है। गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज की स्थिति प्रसव के दौरान भी कई प्रकार की जटिलताएं पैदा कर सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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