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बड़ी कामयाबी: अब पीपीई किटों को संक्रमण मुक्त कर दोबारा किया जा सकेगा प्रयोग, नई तकनीक आई सामने

Thu, 03 Jun 2021 04:30 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Thu, 03 Jun 2021 04:30 PM IST
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PPE kits can be used again by making them infection free, new technology
पीपीई किटों का दोबारा हो सकेगा इस्तेमाल (फाइल फोटो) - फोटो : Social media

कोरोना महामारी से बचाव को ही सुरक्षा का सबसे कारगर उपाय माना जाता है। बचाव और सुरक्षा उन लोगों के लिए और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है जो लगातार कोरोना संक्रमितों की देखरेख में जुटे हैं, या जो लोगों ऐसे काम से जुड़े हैं जिसमें संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है। देश में कोविड से बचाव के लिए जारी गाइडलाइंस में कोविड संक्रमितों के संपर्क में आने वाले सभी लोगों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) पहनने की सलाह दी गई है। पीपीई किट एक बार इस्तेमाल किए जा सकते हैं, इस्तेमाल करने के बाद इन किटों को नष्ट कर दिया जाता है। यही कारण है कि कई बार डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों को लगातार कई घंटों तक किट पहन कर रखना पड़ता है।


कोरोना महामारी की शुरुआत से ही देश के तमाम वैज्ञानिक इस तकनीक की खोज में लगे हुए हैं जिससे पीपीई किट जैसे मंहगे चिकित्सकीय सुरक्षा वस्त्रों को डिस्इन्फेक्ट करके दोबारा से प्रयोग में लाया जा सके। इस दिशा में मुंबई स्थित स्टार्टअप ‘इंद्रावाटर' ने ऐसे ही एक प्रणाली को प्रस्तुत किया है, जिसकी मदद से पीपीई किट को संक्रमण मुक्त करके दोबारा प्रयोग में लाया जा सकेगा। आइए इस तकनीक के बारे में विस्तार से जानते हैं।

PPE kits can be used again by making them infection free, new technology
फेस शील्ड युक्त पीपीई किट की तस्वीर (फाइल) - फोटो : PTI

‘वज्र कवच’ प्रणाली
देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच कोविड-19 उपचार एवं उसके नियंत्रण के दौरान पैदा होने वाले कचरे का निपटान भी एक बड़ी चुनौती है। मुंबई स्थित स्टार्टअप ‘इंद्रावाटर’ द्वारा हाल में विकसित की गई एक डिस्इन्फेक्शन प्रणाली इस मुश्किल को हल करने में मददगार हो सकती है। ‘वज्र कवच’ नामक यह प्रणाली पीपीई किट जैसे चिकित्सकीय और गैर-चिकित्सकीय कपड़ों को संक्रमण से मुक्त कर सकती है, जिससे उनका फिर से उपयोग किया जा सकता है।

PPE kits can be used again by making them infection free, new technology
मेडिकल अपशिष्ट को कम करने में मिलेगी मदद (फाइल फोटो) - फोटो : Social media

कोविड-19 अपशिष्ट को कम किया जा सकेगा
विशेषज्ञों का मानना है कि  ‘वज्र कवच’ नामक इस प्रणाली से न सिर्फ अत्यधिक मात्रा में उत्पन्न हो रहे कोविड-19 अपशिष्ट को कम करने में मदद मिल सकती है, साथ ही यह पीपीई किट पर हो रहे बड़े खर्च को कम करने में भी काफी सहायक हो सकती है।

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यूवी–सी प्रकाश स्पेक्ट्रम के माध्यम किटों को किया जाएगा संक्रमण मुक्त (फाइल फोटो) - फोटो : Social media
कैसे किया जाएगा किटों का डिस्इंफेक्शन
अधिकारियों के मुताबिक इस उत्पाद में एक बहु-चरणीय डिस्इंफेक्शन प्रणाली का प्रयोग किया गया है, जो वायरस एवं बैक्टीरिया जनित संक्रमण और अन्य विषाक्त तत्वों को पीपीई किट में मौजूद उन्नत ऑक्सीकरण और यूवी–सी प्रकाश स्पेक्ट्रम के माध्यम से 99 प्रतिशत तक निष्क्रिय कर सकती है। इस प्रणाली को महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई अस्पतालों में लगाया जा रहा है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के जैव-विज्ञान एवं जैव-अभियांत्रिकी विभाग में परीक्षण के बाद इस प्रक्रिया को प्रभावी पाया गया है, इसी के आधार पर अब इसे प्रयोग में लाया जा रहा है।
 
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पीपीई किटों पर होने वाला खर्च बचेगा (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

कई संस्थानों से मिल चुकी है मान्यता
आईआईटी बॉम्बे के अलावा इस प्रणाली को वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद की नागपुर स्थित लैब राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) से भी स्वीकृति मिली है। इसे अब सम्पूर्ण भारत में कोरोना संक्रमित रोगियों का उपचार करने वाले चिकित्सालयों में स्थापित किया जा रहा है।


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स्रोत और संदर्भ: 
India Science wire

अस्वीकरण नोट: यह लेख इंडिया साइंस वायर द्वारा प्रकाशित नई तकनीक पत्र के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। 
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