हमारे किचन में प्लास्टिक वाली तमाम प्रकार की चीजों का नियमित रूप से इस्तेमाल किया जाता है। प्लास्टिक की बोतलों से लेकर कंटेनर, टिफिन हो या रोटी रखने के लिए बर्तन, ज्यादातर प्लास्टिक की ही होते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि इन चीजों का इस्तेमाल आपको गंभीर रूप से बीमार करने वाला हो सकता है। इतना ही नहीं इससे आपको कैंसर और हृदय रोग जैसी जानलेवा बीमारियों का भी खतरा रहता है।
Health Risk: किचन में इस्तेमाल होने वाली इन चीजों से हृदय रोग-कैंसर का बढ़ सकता है खतरा, हो जाइए सावधान
एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने बताया है कि प्लास्टिक के घरेलू उत्पादों को बनाने के लिए एक प्रकार के सिंथेटिक रसायन का इस्तेमाल किया जाता रहा है, जो संभावित रूप से हृदय रोग के जोखिमों को बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
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प्लास्टिक वाली चीजों का इस्तेमाल और हृदय रोगों का खतरा
जर्नल ईबायोमेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने बताया है कि प्लास्टिक के घरेलू उत्पादों को बनाने के लिए एक प्रकार के सिंथेटिक रसायन का इस्तेमाल किया जाता रहा है, जो संभावित रूप से हृदय रोग के जोखिमों को बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि प्लास्टिक के बर्तन, कंटेनर, टिफिन आदि को बनाते समय प्लास्टिक को मजबूत करने के लिए थैलेट्स नामक रसायन का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस रसायन के संपर्क में रहने के कारण कार्डियोवस्कुलर सेहत पर गंभीर असर हो सकता है।
दीर्घकालिक और गंभीर रोगों का खतरा
मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक वैज्ञानिकों ने कई देशों में डाइ (2-एथिलहेक्सिल) थैलेट्स (डीईएचपी) के जोखिमों का पता लगाया गया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि डीईएचपी के संपर्क में आने से 2018 में दुनियाभर में 3.50 लाख से अधिक लोगों की मौतें हुई, कुछ हिस्सों में इसके कारण हृदय रोगों का बोझ अधिक देखा जा रहा है।
यूएस में वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ जेन मॉर्गन कहते हैं, अध्ययनों से पता चलता है कि प्लास्टिक के उत्पादों से इस रसायन के रिसते रहने का खतरा रहता है जिससे यह हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाने लग जाता है। संभावित रूप से इसके कारण शरीर में दीर्घकालिक रूप से इंफ्लेमेशन, प्रतिरक्षा प्रणाली पर नकारात्मक असर होने और विषाक्तता होने का खतरा हो सकता है।
बिस्फेनॉल ए (बीपीए) रसायन भी खतरनाक
चूंकि ये रसायन प्लास्टिक की कई चीजों में पाए जाते हैं इसलिए इस पर गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता है। प्लास्टिक की चीजों में मौजूद इन रसायनों के अलावा इन चीजों के कारण माइक्रोप्लास्टिक बढ़ने का भी खतरा रहता है, ये सभी हमारे शरीर के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक हो सकते हैं।
एक अन्य अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि प्लास्टिक वाली कई चीजों को बनाने में बिस्फेनॉल ए (बीपीए) नामक रसायन का भी इस्तेमाल होता रहा है। बिस्फेनॉल-ए (बीपीए) एक औद्योगिक रसायन है, ये मस्तिष्क के विकास, थायरॉइड हार्मोन के साथ-साथ प्रजनन स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
नॉन-स्टिक बर्तन भी ठीक नहीं
प्लास्टिक के साथ नॉन-स्टिक बर्तनों के इस्तेमाल को लेकर भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ अलर्ट करते रहे हैं। अध्ययन से पता चलता है कि इस तरह के बर्तनों में परफ्लुओरोऑक्टेनोइक एसिड (PFOA) होता है, जो नॉन-स्टिक कोटिंग बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला रसायन है। पीएफओए के कारण दीर्घकालिक रूप में कैंसर का जोखिम हो सकता है।
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स्रोत और संदर्भ
Phthalate exposure from plastics and cardiovascular disease: global estimates of attributable mortality and years life lost
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