लॉकडाउन में लोग टीवी और मोबाइल देख बिता रहे समय, आंखे खराब होने का बढ़ जाएगा खतरा
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पूरी दुनिया कोरोना वायरस के प्रकोप से परेशान है। भारत में भी इस महामारी ने तेजी से अपने पांव पसारे है। जिससे बचने के लिए देश में लॉकडाउन लगाया गया है और लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है। ऐसे में जब बहुत से लोगों के कामकाज ठप पड़े हैं और उनके पास दिनभर समय बच रहा है तो वो इसे टीवी और मोबाइल देख मनोरंजन करके बिता रहे हैं। आजकल मोबाइल पर ही अमेजन और नेटफ्लिक्स जैसे एप भी रहते हैं। जिस पर ज्यादातर लोगों का समय गुजरता है। लेकिन लगातार मोबाइल, कम्प्यूटर और टीवी पर देखने से आंखों के खराब होने के खतरा तेजी से बढ़ जाएगा।
कई सारे डॉक्टरों का कहना है कि लगातार मोबाइल, टीवी, कम्प्यूटर पर देखने से आंखों के खराब होने का खतरा ज्यादा है। इससे बचने का एक ही तरीका है कि थोड़ी-थोड़ी देर पर ब्रेक लेते रहे साथ ही पलकों को झपकाते रहें। क्योंकि लगातार स्क्रीन पर देखने से आंखों में सूखापन होने लगता है। इसके साथ ही नजर कमजोर होने लगती है।
लगातार स्क्रीन देखने से होने वाले नुकसान और आंखों के सूखेपन को खत्म करने के लिए डॉक्टर आर्टिफिशियल आंसू का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। जिसकी मदद से आंखों में नमी बने रहे। इसके अलावा हर बीस मिनट बाद आंखों को करीब बीस बार झपकाएं। और साथ ही स्क्रीन से नजर हटाकर उन्हें दूर तक यानी करीब बीस फीट दूर देखने की कोशिश करें। ऐसा करने से आंखों पर दबाव कम पड़ेगा और किसी तरह की परेशानी से बचे रहेंगे।