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Omicron variant: ओमिक्रॉन पर कौन सी वैक्सीन असरदार? डब्ल्यूएचओ की चिंता के बीच वैज्ञानिकों ने दी जानकारी

Wed, 22 Dec 2021 03:19 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Wed, 22 Dec 2021 03:19 PM IST
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Omicron strain replicated 70 times quicker than Delta variant says WHO, Sputnik V vaccine is effective
तेजी से फैल रहा है ओमिक्रॉन वैरिएंट - फोटो : iStock

भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। एक ओर ब्रिटेन जैसे देशों में जहां संक्रमण के कारण दिन-ब-दिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं, वहीं भारत में भी ओमिक्रॉन का संकट बढ़ता दिख रहा है। यहां अब तक 100 से अधिक लोगों में ओमिक्रॉन के संक्रमण की पहचान की जा चुकी है। ओमिक्रॉन के बारे में विस्तार से जानने के लिए दुनियाभर के तमाम वैज्ञानिक अध्ययन रहे हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि कोरोना का यह नया वैरिएंट, पिछले वैरिएंट्स की तुलना में काफी तेजी से फैल रहा है। जल्द ही अगर इसकी रफ्तार पर काबू न पाया गया तो पूरी दुनिया को यह अपनी चपेट में ले सकता है।



भारत के संदर्भ में बात करें तो यहां करीब 14 राज्यों में ओमिक्रॉन संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि सभी लोगों को इस नए वैरिएंट से बचाव के लिए लगातार सभी आवश्यक उपाय करते रहने चाहिए। यह वैरिएंट वैक्सीनेटेड लोगों को भी अपना शिकार बना रहा है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

Omicron strain replicated 70 times quicker than Delta variant says WHO, Sputnik V vaccine is effective
डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस - फोटो : ANI

क्या कहता है डब्ल्यूएचओ?
डब्ल्यूएचओ की तरफ से जारी एक बयान में चिंता जताते हुए कहा गया है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट पहले ही यूके और दक्षिण अफ्रीका में डेल्टा से आगे निकल चुका है। कई अन्य यूरोपीय देशों में भी इसी तरह के हालात सामने आ रहे हैं। जिनेवा में एक अपडेट के दौरान डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक  टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस ने कहा, "ओमिक्रॉन उस दर से फैल रहा है जिसे हमने किसी पिछले वैरिएंट के साथ नहीं देखा है। 77 से अधिक देशों में इसके मामले सामने आ चुके हैं। यह और भी देशों में हो सकता है, भले ही इसका अभी तक पता न चला हो। ओमिक्रॉन की संक्रामकता दर चिंतित करने वाली है। 

Omicron strain replicated 70 times quicker than Delta variant says WHO, Sputnik V vaccine is effective
बढ़ रहा है ओमिक्रॉन का खतरा - फोटो : iStock

तेजी से अपनी संख्या बढ़ा सकता है ओमिक्रॉन
वैज्ञानिकों ने एक हालिया रिपोर्ट में बताया कि संक्रमण के केवल 24 घंटे बाद, डेल्टा और मूल सार्स-सीओवी-2 वायरस की तुलना में ओमिक्रॉन लगभग 70 गुना अधिक तेजी से शरीर में अपना प्रसार करने लगता है। हालांकि अब तक सुखद बात यह है कि फेफड़ों के सैंपल टेस्ट में पाया गया है कि मूल स्ट्रेन की तुलना यह वैरिएंट दस गुना धीमी गति से खुद को बढ़ा रहा है। जिसका मतलब है कि इससे गंभीर संक्रमण के मामले कम ही देखने को मिलेंगे।

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Omicron strain replicated 70 times quicker than Delta variant says WHO, Sputnik V vaccine is effective
रूसी टीका स्पुतनिक वी - फोटो : ANI

स्पुतनिक-वी वैक्सीन हो सकती है असरदार
इस बीच ओमिक्रॉन पर मौजूदा वैक्सीनों की प्रभाविकता को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की एक टीम ने बड़ी जानकारी साझा की है। रूस के गमालेया केंद्र द्वारा किए गए एक प्रारंभिक प्रयोगशाला अध्ययन के आधार पर शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि स्पुतनिक वी वैक्सीन और एक-शॉट वाला स्पुतनिक लाइट बूस्टर डोज इस वैरिएंट के खिलाफ ज्यादा प्रभावी हो सकता है। अध्ययन से पता चलता है कि स्पुतनिक वी, ओमिक्रॉन वैरिएंट के खिलाफ सुरक्षा देने और अस्पताल में भर्ती होने की आशंका को कम कर सकती है।

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Omicron strain replicated 70 times quicker than Delta variant says WHO, Sputnik V vaccine is effective
स्पुतनिक वी वैक्सीन है अधिक प्रभावी - फोटो : Pixabay

वैक्सीनेशन के साथ बचाव भी जरूरी
अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि कोविड-19 की मौजूदा अन्य वैक्सीनों की तुलना में स्पुतनिक वी को ज्यादा प्रभावी पाया गया है। इसके अलावा, टीकाकरण के 2-3 महीने बाद स्पुतनिक लाइट का एक बूस्टर शॉट देकर शरीर की प्रतिरक्षा को और भी मजबूत किया जा सकता है। फिलहाल जिन लोगों को अलग वैक्सीन लगी है उनमें भी संक्रमण की गंभीरता और इसके कारण होने वाली मौत के जोखिम को कम पाया गया है। वैक्सीन के साथ कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना भी आवश्यक है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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