हमारे शरीर को स्वस्थ और फिट रहने के लिए नियमित रूप से स्वस्थ और पौष्टिक आहार की आवश्यकता होती है। हालांकि समय के साथ इसमें एक और आवश्यकता को जोड़ा गया है- वह है अच्छी और गहरी नींद। तमाम शोध बताते हैं कि भले ही आप शरीर को स्वस्थ रखने के लिए तमाम प्रयास कर लें पर अगर अच्छी नींद नहीं ले पा रहे हैं तो यह आपके सभी प्रयासों को विफल करने के लिए काफी है।
Alert: कम सोते हैं तो समय से पहले हो सकती है मौत! नींद की कमी से इस जानलेवा स्थिति का 51% बढ़ जाता है जोखिम
स्ट्रोक का खतरा 51 फीसदी अधिक
नींद किसी प्रकार से जानलेवा दुष्प्रभावों वाली हो सकती है, इसको लेकर जर्नल न्यूरोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि अमेरिका में ही एक तिहाई से अधिक लोग अनिद्रा से पीड़ित हैं। वैश्विक स्तर पर भी हालात ऐसे ही हैं। ये स्थिति ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर से लेकर कई ऐसी समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है जिससे सीधे तौर पर स्ट्रोक होने का जोखिम बढ़ जाता है।
अध्ययन के अनुसार अनिद्रा की गंभीर समस्या जिनमें पांच से आठ लक्षण हों, ऐसे लोगों में स्ट्रोक होने की आशंका 51% अधिक पाई गई है। यह निश्चित ही चिंताजनक स्थिति है।
अनिद्रा और स्ट्रोक का खतरा
शिकागो स्थित नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर सर्कैडियन एंड स्लीप मेडिसिन के निदेशक डॉ फिलिस जी कहते हैं, शोध में हमने पाया है कि अगर आप एक महीने भी अच्छी नींद नहीं ले पा रहे हैं तो यह मेटाबॉलिज्म और ब्लड प्रेशर दोनों ही समस्याओं का कारण बन सकती है। ये स्थितियां शरीर में इंफ्लामेशन बढ़ाने वाली मानी जाती हैं, जो स्ट्रोक के जोखिमों को बढ़ा देती हैं।
खराब नींद को शरीर के उस मैकेनिज्म को भी प्रभावित करते हुए देखा गया है जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है। इस वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जो स्ट्रोक और कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का महत्वपूर्ण जोखिम कारक है।
अध्ययन में क्या पता चला?
वर्जीनिया कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता और अध्ययन के प्रमुख लेखक वेंडेमी सावाडोगो कहते हैं, शोध में शामिल प्रतिभागियों में जिनमें अनिद्रा के एक से चार लक्षण थे, उनमें बिना नींद की समस्या वालों की तुलना में स्ट्रोक होने का खतरा 16 फीसदी अधिक था।
कई उपाय हैं जो लोगों को उनकी नींद की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद कर सकते हैं, इसलिए अगर आप कुछ दिनों से भी नींद न आने की समस्याओं से परेशान हैं तो डॉक्टर से मिलकर समस्या का निदान जरूर कराएं। ये आपकी जिंदगी का सवाल है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
प्रोफेसर सावाडोगो कहते हैं, पहले के अध्ययनों में भी नींद में कमी या बाधा के कारण स्ट्रोक के बढ़ते जोखिमों को लेकर अलर्ट किया जाता रहा है। नींद न आने के कई कारण हो सकते हैं, कुछ स्थितियों में हृदय रोगों के कारण भी नींद प्रभावित हो सकती है। यदि आपको हृदय रोग या डायबिटीज की समस्या है और आप अनिद्रा से परेशान हैं तो यकीनन यह संयोजन आपके लिए अधिक जानलेवा है। नींद विकारों को कभी भी हल्के में लेने की भूल न करें।
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स्रोत और संदर्भ
Association Between Insomnia Symptoms and Trajectory With the Risk of Stroke in the Health and Retirement Study
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