ओवेरियन कैंसर, वैश्विक स्तर पर महिलाओं में तेजी से बढ़ते घातक कैंसर में से एक है। साल 2020 में इस कैंसर के कारण कुल 2.07 लाख से अधिक मौतें हुईं। अंडाशय में कोशिकाओं के अनियंत्रित विकास के कारण इस कैंसर का खतरा रहता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ओवेरियन कैंसर के शुरुआती चरणों में आमतौर पर इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते हैं और जब तक इसके लक्षण दिखने शुरू होते हैं, बीमारी अपने गंभीर चरणों में पहुंच चुकी होती है। इस कैंसर के कारण मृत्यु दर बढ़ने का एक प्रमुख कारण इसका समय पर पता न चल पाना माना जाता है।
Ovarian cancer: बस एक टेस्ट से शुरुआती स्टेज में ही चल जाएगा कैंसर का पता, ये महिलाओं सबसे आम और घातक कैंसर
ओवेरियन कैंसर का बढ़ रहा है जोखिम
जर्नल क्लीनिकल रिसर्च सेंटर में प्रकाशित इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया, हाई-ग्रेड सीरस ओवेरियन कार्सिनोमा (एचजीएसओसी), ओवेरियन कैंसर का सबसे आम प्रकार है, इस ब्लड टेस्ट की मदद से आसानी से शुरुआती चरणों में ही इसका पता लगाया जा सकेगा।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, एचजीएसओसी पहले धीरे-धीरे बढ़ता है और इसे अंडाशय तक पहुंचने में साढ़े छह साल तक का समय लग सकता है। एक बार जब यह अंडाशय तक पहुंच जाता है, तो यह और तेजी से फैलता है। इस टेस्ट की मदद से कैंसर कोशिकाओं के अंडाशय में पहुंचने से पहले ही इसका पता लगाया जा सकेगा।
अध्ययन में क्या पता चला
ये टेस्ट कितना प्रभावी हो सकता है, इसका पता लगाने के लिए स्वस्थ लोगों और एचजीएसओसी वालों के ब्लड और कोशिकाओं के सैंपल लेकर उनकी जांच की गई। इसमें पता चला कि ब्लड टेस्ट की मदद से कैंसर के शुरुआती चरणों में ही इसका पता लगाया जा सकता है। दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय द्वारा जारी समाचार विज्ञप्ति के अनुसार, ये परीक्षण अगले दो साल के भीतर व्यावसायिक रूप से उपलब्ध हो सकता है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
मेडिकल स्कूल में ट्रांसलेशनल जीनोमिक्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर और अध्ययन लेखक बोडोर सालहिया कहते हैं, कैंसर का शुरुआती स्टेज में पता लगाने से जान बचाने में मदद मिल सकती है। अगर हम प्रारंभिक चरण में ओवेरियन कैंसर का सटीकता से पहचान कर लेते हैं, तो इलाज आसान हो सकता है। इसके साथ रोगियों की जान बचने की संभावना भी काफी बढ़ सकती है।
हमें उम्मीद है ये टेस्ट कैंसर के शुरुआती निदान में मदद करके हर साल होने वाली लगभग दो लाख मौतों के जोखिम को कम कर सकता है।
ओवेरियन कैंसर के लक्षणों पर भी ध्यान दें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से वैश्विक स्तर पर ओवेरियन कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं, सभी महिलाओं को इसके लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता है। इस कैंसर के कारण आपको पेट फूलने की समस्या, भोजन करते समय जल्दी पेट भरा हुआ महसूस होने, बिना स्पष्ट कारण के वजन घटने, पेल्विक हिस्से में दर्द और असुविधा के साथ थकान, पीठ दर्द और बार-बार पेशाब करने की आवश्यकता होने की समस्या हो सकती है।
अगर इस तरह की समस्या कुछ समय से बनी हुई है तो इसपर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
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स्रोत और संदर्भ
OvaPrint™ – a cell-free DNA methylation liquid biopsy for the risk assessment of high-grade serous ovarian cancer
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