दुनिया के कई देश इन दिनों मंकीपॉक्स का संक्रमण झेल रहे हैं। अफ्रीका और यूरोप के बाद अब ये वायरस एशियाई देशों में भी फैलने लगा है। मंकीपॉक्स के बढ़ते खतरे को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने सभी देशों को इस बढ़ते संक्रामक रोग को लेकर सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है। अध्ययनों के मुताबिक एमपॉक्स अति संक्रामक और जानलेवा संक्रमण का कारण बन सकता है, थोड़ी सी भी लापरवाही इस संक्रमण के व्यापक प्रसार का कारण बन सकती है।
MonkeyPox: बढ़ते संक्रमण को लेकर विशेषज्ञ चिंतित, क्या कोविड-19 से भी खतरनाक है मंकीपॉक्स का संक्रमण?
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मंकीपॉक्स का बढ़ रहा है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं जिस प्रकार से इस वायरस की प्रकृति रही है, इसके तेजी से फैलने का जोखिम अधिक होता है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि एमपॉक्स, कोरोनावायरस से भी खतरनाक हो सकता है। यहां ध्यान देना जरूरी है कि मंकीपॉक्स पिछले दो सालों में कोविड-19 के बाद सबसे ज्यादा तबाही मचाने वाला रोग रहा है।
क्या ये कोविड से भी खतरनाक हो सकता है? आइए दोनों वायरल संक्रमण के बारे में तुलनात्मक रूप से नजर डालते हैं।
कोरोनावायरस और कोविड-19
अध्ययनों से पता चलता है कि सार्स-सीओवी-2 (कोविड-19 का कारण बनने वाला वायरस) और एमपॉक्स वायरस कई मामलों में बहुत अलग हैं। वैसे तो एमपॉक्स और कोविड-19 दोनों ही जूनोटिक रोग हैं, जिसका अर्थ है कि येजानवरों से मनुष्यों में फैलते हैं। माना जाता है कि सार्स-सीओवी-2 चमगादड़ों से फैला है, जबकि मंकीपॉक्स सबसे पहले बंदरों में देखा गया था।
संक्रमण के प्रसार के जोखिम और इसके लक्षण कई मामले में दोनों संक्रामक रोगों को अलग करते हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
यूएस स्थित यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स रेनबो बेबीज एंड चिल्ड्रन के संक्रामक रोग विशेषज्ञ, एमी एडवर्ड्स कहते हैं कि कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं जो मंकीपॉक्स को कोविड-19 की तुलना में कम खतरनाक बनाते हैं। पहला मंकीपॉक्स आसानी से नहीं फैलता और संक्रमित लोगों की पहचान करना आसान है।
दो टीके हैं जो मंकीपॉक्स के खिलाफ प्रभावी पाए गए हैं। वहीं कोविड-19 के विपरीत, यह वायरस एक से दूसरे व्यक्ति में फैलने के लिए निकट संपर्क आवश्यक है। संक्रमित व्यक्तियों को अलग करना और प्रसार को रोकना भी मंकीपॉक्स के मामले में आसान है।
संक्रामक रोगों के प्रसार का खतरा
डॉ. एडवर्ड्स बताते हैं मंकीपॉक्स का संक्रमण प्रभावित व्यक्ति के निकट संपर्क से होता है। शारीरिक संपर्क या शरीर के तरल पदार्थ या घावों के साथ सीधे संपर्क में आने से एमपॉक्स का संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में हो सकता है। वैसे तो यह खांसने-छींकने से निकलने वाली बूंदों या दूषित बिस्तर-कपड़ों के संपर्क के माध्यम से भी फैल सकता है। हालांकि कोविड के मामले में प्रसार को अधिक आसान माना जाता रहा है। यह कोविड-19 की तरह हवा के माध्यम से नहीं फैलता है। हालांकि मंकीपॉक्स का संक्रमण अधिक घातक जरूर हो सकता है।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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