फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   missing school because of period

पीरियड्स है करोड़ों लड़कियों के स्कूल छोड़ने का कारण

Wed, 23 Oct 2019 02:57 PM IST
Advertorial Published by: नवनीत राठौर Updated Wed, 23 Oct 2019 02:57 PM IST
विज्ञापन
missing school because of period

देश में महिलाओं की शिक्षा एक बड़ी समस्या है । जहां एक तरफ हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाते हुए उनके सपनों का भारत बनाने की शपथ ले रहे हैं तो वहीं महिलाओं की शिक्षा के विषय में की गई उन्हीं की बातों को नजरअंदाज करते हैं । गांधी जी के अनुसार, “एक पुरुष के शिक्षित होने पर एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन एक महिला के शिक्षित होने पर पूरा परिवार शिक्षित होता है।”

विज्ञापन

missing school because of period

हम इन्हीं बातों से महिलाओं की शिक्षा के महत्व को समझ सकते हैं । लेकिन महिलाओं की अशिक्षा के पीछे प्रमुख कारण है पीरियड्स । हाल ही में किए गए एक सर्वे के अनुसार लगभग 2 करोड़ से भी ज्यादा लड़कियां पीरियड्स की वजह से स्कूल जाना छोड़ देती हैं । पीरियड्स एक प्राकृतिक  व सामान्य स्थिति है परन्तु जागरूकता के अभाव के कारण ये एक समस्या बनती जा रही है । जो कि न सिर्फ 2 करोड़ से ज्यादा लड़कियों के स्कूल छोड़ने का कारण बनती है बल्कि कई सारी घातक बीमारियों को भी न्यौता देती है ।

विज्ञापन
विज्ञापन

missing school because of period

अक्सर पीरियड्स 12 से 13 वर्ष की उम्र में शुरू हो जाते हैं । उस समय लड़कियां अपने शरीर में होने वाले इस परिवर्तन को मानसिक रूप से स्वीकार करनें में सक्षम नहीं होती हैं । जिसकी वजह से वो तनाव, अवसाद आदि से ग्रसित रहने लगती हैं ।साथ ही जागरूकता के अभाव व सैनिटरी नैपकिन जैसे आवश्यक उत्पादों की उपलब्धता न होने के नाते वो अन्य साधनों का उपयोग करना शुरू कर देती हैं जो कि उनके शरीर को हानि पहुंचाते हैं । इसलिए पहली बार पीरियड्स के बारे में लड़कियों को जागरूक करना अतिआवश्यक होता है ।

विज्ञापन

missing school because of period

पहले पीरियड्स के बारे पहले से ही लड़कियों को सहज महसूस कराना चाहिए, क्योंकि ये कोई समस्या नहीं बल्कि एक प्राकृतिक व्यवस्था है जो कि उन्हें स्वस्थ रखती है । बच्चों को खुद से घुलने मिलने दें ताकि अपने बारे में वो हर बात आपसे बांट सकें । खुद लड़कियों को सही समय पर पीरियड्स के बारे में बताते रहें, ताकि बो इस बारे में मानसिक रूप से तैयार हो सकें । पीरियड्स के समय अच्छी गुणवत्ता का सैनिटरी नैपकिन ही इस्तेमाल करें और दूषित कपड़ों के प्रयोग से बचें । किसी भी तरीके की समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें ।

हमेशा याद रखे की जागरूकता ही आपके और आपके बच्चों के स्वास्थ्य की सही तरीके से रक्षा कर सकती है । पीरियड्स कोई समस्या नहीं है, लेकिन ये समस्या बन सकती है । आपकी जागरूकता ही इससे होने वाली समस्याओं से बचा सकती है, इसलिए जरूरी है अच्छी गुणवत्ता के उत्पादों का प्रयोग करने की ।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed