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Health Tips: लो ब्लड शुगर की समस्या हो सकती है गंभीर, शरीर पर होता है ऐसा असर, बरतें सावधानी

Sun, 21 Aug 2022 12:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 21 Aug 2022 12:00 PM IST
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Low Blood Pressure Symptoms and How to Prevent All Details in Hindi
ब्लड शुगर का स्तर कम होना हानिकारक - फोटो : istock

ब्लड शुगर लेवल का बढ़ना और कम होना दोनों ही स्थितियां शरीर के लिए हानिकारक मानी जाती हैं। सामान्यतौर पर शुगर लेवन बढ़ने को लेकर ज्यादा चर्चा होती रही है, इसे शरीर के कई अंगों के लिए नुकसानदायक माना जाता है। मानक के अनुसार  स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड शुगर स्तर 60 से 140 mg/dl के बीच होना चाहिए। इसका बढ़ना कई प्रकार की समस्याओं का कारण बन सकता है।



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड शुगर का स्तर बढ़ना जितना गंभीर स्थिति है, इसका कम होना भी उतना ही खतरनाक है। डॉक्टर्स कहते हैं, जिन्हें डायबिटीज की समस्या होती है उन्हें लगातार अपने शुगर लेवल की जांच करते रहना चाहिए जिससे स्थिति का सही अंदाजा होता रहे। 

लो-ब्लड शुगर का लेवल यानि कि हाइपोग्लाइसेमिया शरीर में कई प्रकार की जटिलताओं का कारण बन सकती है। लो ब्लड शुगर की स्थिति तब होती है जब रक्त में ग्लूकोज की मात्रा सामान्य स्तर से कम हो जाती है। डायबिटीज की दवाइयों या फिर इंसुलिन के कारण यह स्थिति हो सकती है।  हाइपोग्लाइसेमिया का प्रभाव अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों हो सकता है, जिसको लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। आइए इसकी गंभीरता के बारे में जानते हैं।

Low Blood Pressure Symptoms and How to Prevent All Details in Hindi
ब्लड शुगर लो होने की स्थिति हो सकती है गंभीर - फोटो : Pixabay

क्यों होती है  हाइपोग्लाइसेमिया?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज की दवाइयां, अल्कोहल, गंभीर बीमारी या फिर शरीर में इंसुलिन की मात्रा अधिक हो जाने की स्थिति लो ब्लड शुगर का कारण बन सकती है। यही कारण है कि डायबिटीज के रोगियों को निरंतर ब्लड शुगर के स्तर की जांच करते रहना चाहिए। हाइपोग्लाइसेमिया को कंट्रोल करने के लिए तुरंत ग्लूकोज के लेवल को बढ़ाने की आवश्यकता होती है। इसपर समय रहते ध्यान न देना हृदय और मस्तिष्क की गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।

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हाइपोग्लाइसेमिया में हो सकती है समस्याएं - फोटो : iStock

हाइपोग्लाइसेमिया के कारण होने वाली समस्याएं

रक्त शर्करा का स्तर बहुत कम हो जाने की स्थिति में शरीर में कई प्रकार की समस्याएं होने का जोखिम होता है। इसके कारण कंपकपी, पसीना आना, सिरदर्द, भूख या मतली, धड़कन की अनियमितता, थकान और चिंता जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। हाइपोग्लाइसेमिया पर समय पर ध्यान न देना गंभीर स्थितियों का कारण बन सकता है। यदि इसे अनुपचारित ही छोड़ दिया जाए कोमा जैसी समस्या भी हो सकती है।

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ब्लड शुगर बहुत कम होना नुकसानदायक - फोटो : iStock

हाइपोग्लाइसेमिया की गंभीर स्थिति

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जैसे-जैसे हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति बिगड़ती जाती है, इसके संकेत और लक्षण गंभीर हो सकते हैं। हाइपोग्लाइसेमिया की गंभीर स्थिति के कारण भ्रम, असामान्य व्यवहार, शारीरिक समन्वय की कमी, बोलने की समस्या, धुंधला दिखाई देना, झटके आना, तंत्रिका की समस्या और चेतना की हानि हो सकती है। 

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डायबिटीज को कंट्रोल रखने के करें उपाय - फोटो : iStock

हाइपोग्लाइसेमिया को कैसे कंट्रोल किया जाए?

हाइपोग्लाइसेमिया की स्थिति में त्वरित रूप से ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाने का प्रयास किया जाता है। यदि शुगर लेवल कम है तो इसे बढ़ाने के लिए सीमित मात्रा में कैंडीज या बिस्किट खाया जा सकता है। हालांकि इस स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह बहुत आवश्यक होती है। हाइपोग्लाइसेमिया की स्थिति लगातार बने रहने में दवाइयों और इंसुलिन को डोज में परिवर्तन की आवश्यकता हो सकती है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

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