चीन-जापान सहित दुनिया के कई देशों में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले इस समय स्वास्थ्य विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। ज्यादातर देशों में ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट्स, विशेषतौर पर BF.7 के कारण संक्रमण बढ़ता देखा जा रहा है। अध्ययनों में इस वैरिएंट के कारण गंभीर रोगों का खतरा तो कम पाया गया है पर इसकी संक्रामकता दर चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
Covid-19 Study: दोबारा संक्रमण की स्थिति में ऑर्गन फेलियर का खतरा अधिक, विशेषज्ञों ने कहा-हर बार करें बचाव
कोरोना का दोबारा संक्रमण हो सकता है गंभीर
वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन और वेटरन्स अफेयर्स सेंट लुइस हेल्थ केयर सिस्टम के एक नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि कोरोना के दोबारा संक्रमण की स्थिति गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों का कारण बन सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि बार-बार होने वाला सार्स-सीओवी-2 का संक्रमण कई अंग प्रणालियों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। दोबारा संक्रमण की स्थिति फेफड़े, हृदय, मस्तिष्क और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। इसके कारण डायबिटीज, किडनी की बीमारी और मानसिक स्वास्थ्य विकारों के विकसित होने का भी जोखिम हो सकता है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
इस अध्ययन के बारे में स्कूल ऑफ मेडिसिन में महामारी विज्ञानी और शोध के वरिष्ठ लेखक डॉ ज़ियाद अल-एली कहते हैं, इस शोध में पाया गया है कि प्रत्येक संक्रमण के साथ गंभीर स्थिति का जोखिम बढ़ता हुआ प्रतीत होता है। इसका मतलब यह है कि भले ही आप एक बार संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं पर अगले संक्रमण से बचाव करना आवश्यक है।
इस अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने यू.एस. डिपार्टमेंट ऑफ वेटरन्स अफेयर्स द्वारा बनाए गए डेटाबेस से लगभग 5.8 मिलियन लोगों के मेडिकल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। जिससे प्राप्त परिणाम खतरे को लेकर सावधान करते हैं।
अध्ययन में क्या पता चला?
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 5.3 मिलियन (53 लाख) लोगों का एक डेटा सेट बनाया, जिन्हें 1 मार्च, 2020 से 6 अप्रैल, 2022 के बीच कोरोना का संक्रमण हुआ था। इसमें 443,000 से अधिक लोग ऐसे थे जिन्हें सिर्फ एक बार संक्रमण हुआ था, वहीं लगभग 41,000 लोगों को दो या उससे अधिक बार संक्रमित पाया गया। कुछ लोग चार और पांच संक्रमण वाले भी थे।
30 दिनों से लेकर छह माह के भीतर दोबारा संक्रमण की स्थिति में रोग की गंभीरता का अध्ययन करते हुए शोधकर्ताओं ने पाया कि पुन: संक्रमण वाले लोगों में गंभीर रोग के कारण मृत्यु होने की आशंका दोगुनी और अस्पताल में भर्ती होने की आशंका तीन गुना अधिक थी।
कई अंगों पर हो सकता है गंभीर असर
इसके अतिरिक्त, बार-बार संक्रमण के शिकार लोगों में फेफड़े और हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों के विकसित होने की आशंका तीन गुना अधिक थी। ऐसे लोगों ने मस्तिष्क और तंत्रिका संबंधी विकारों के जोखिम का अनुभव भी, एक बार या बिना संक्रमितों की तुलना में 1.6 गुना अधिक किया।
शोधकर्ताओं की टीम ने कहा, कोरोना का संक्रमण हर बार आपके लिए समस्याकारक है, हर बार इससे बचाव के लिए आपको प्रयास करते रहने की आवश्यकता है, वरना इसके कारण गंभीर जोखिमों का खतरा हो सकता है।