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Covid-19 Study: दोबारा संक्रमण की स्थिति में ऑर्गन फेलियर का खतरा अधिक, विशेषज्ञों ने कहा-हर बार करें बचाव

Tue, 27 Dec 2022 07:20 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 27 Dec 2022 07:20 PM IST
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Latest study says, COVID-19 reinfections increase risk of organ failure, safety from coronavirus required
कोरोना के गंभीर समक्रम की स्थिति को लेकर अलर्ट - फोटो : iStock

चीन-जापान सहित दुनिया के कई देशों में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले इस समय स्वास्थ्य विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। ज्यादातर देशों में ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट्स, विशेषतौर पर BF.7 के कारण संक्रमण बढ़ता देखा जा रहा है। अध्ययनों में इस वैरिएंट के कारण गंभीर रोगों का खतरा तो कम पाया गया है पर इसकी संक्रामकता दर चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है।



संक्रमण के मामलों के तेजी से बढ़ने के कारण नए वैरिंट्स की उत्पत्ति को लेकर भी वैज्ञानिकों की टीम ने अलर्ट किया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जिस तरह से चीन में अनियंत्रित रूप से संक्रमण बढ़ रहा है, ये कोरोना वायरस में नए म्यूटेशन के लिए अनुकूल स्थिति हो सकती है।

वैश्विक स्तर पर कोरोना के बढ़ते खतरे को लेकर अलर्ट करते हुए वैज्ञानिकों की सलाह है कि सभी देशों को बचाव के उपायों को लेकर सख्ती दिखाने की आवश्यकता है। अब तक के शोध में पाया गया था कि कोरोना संक्रमित रहे लोगों में दोबारा संक्रमण होने पर गंभीर रोग का खतरा कम होता क्योंकि पहले संक्रमण के बाद शरीर में प्रभावी एंटीबॉडी और मेमेरी सेल्स बन जाती हैं, जो अगले संक्रमण से बचाने में आपकी मदद करती हैं। पर एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि कोरोना का दोबारा होने वाला संक्रमण आपमें ऑर्गन फेलियर के खतरे का कारण बन सकता है। आइए इस बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।

Latest study says, COVID-19 reinfections increase risk of organ failure, safety from coronavirus required
कोविड रि-इंफेक्शन के जोखिम - फोटो : iStock

कोरोना का दोबारा संक्रमण हो सकता है गंभीर

वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन और वेटरन्स अफेयर्स सेंट लुइस हेल्थ केयर सिस्टम के एक नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि कोरोना के दोबारा संक्रमण की स्थिति गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों का कारण बन सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि बार-बार होने वाला सार्स-सीओवी-2 का संक्रमण कई अंग प्रणालियों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। दोबारा संक्रमण की स्थिति  फेफड़े, हृदय, मस्तिष्क और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। इसके कारण डायबिटीज, किडनी की बीमारी और मानसिक स्वास्थ्य विकारों के विकसित होने का भी जोखिम हो सकता है।

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कोविड का दोबारा संक्रमण हो सकता है खतरनाक - फोटो : iStock

क्या कहते हैं शोधकर्ता?

इस अध्ययन के बारे में स्कूल ऑफ मेडिसिन में महामारी विज्ञानी और शोध के वरिष्ठ लेखक डॉ ज़ियाद अल-एली कहते हैं, इस शोध में पाया गया है कि प्रत्येक संक्रमण के साथ गंभीर स्थिति का जोखिम बढ़ता हुआ प्रतीत होता है। इसका मतलब यह है कि भले ही आप एक बार संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं पर अगले संक्रमण से बचाव करना आवश्यक है। 

इस अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने यू.एस. डिपार्टमेंट ऑफ वेटरन्स अफेयर्स द्वारा बनाए गए डेटाबेस से लगभग 5.8 मिलियन लोगों के मेडिकल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। जिससे प्राप्त परिणाम खतरे को लेकर सावधान करते हैं।

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संक्रमितों में ऑर्गन फेलियर के जोखिम कारक - फोटो : istock

अध्ययन में क्या पता चला?

इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 5.3 मिलियन (53 लाख) लोगों का एक डेटा सेट बनाया, जिन्हें 1 मार्च, 2020 से 6 अप्रैल, 2022 के बीच कोरोना का संक्रमण हुआ था। इसमें 443,000 से अधिक लोग ऐसे थे जिन्हें सिर्फ एक बार संक्रमण हुआ था, वहीं लगभग 41,000 लोगों को दो या उससे अधिक बार संक्रमित पाया गया। कुछ लोग चार और पांच संक्रमण वाले भी थे।

30 दिनों से लेकर छह माह के भीतर दोबारा संक्रमण की स्थिति में रोग की गंभीरता का अध्ययन करते हुए शोधकर्ताओं ने पाया कि पुन: संक्रमण वाले लोगों में गंभीर रोग के कारण मृत्यु होने की आशंका दोगुनी और अस्पताल में भर्ती होने की आशंका तीन गुना अधिक थी।

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रि-इंफेक्शन के मामले हो सकते हैं काफी जटिल - फोटो : istock

कई अंगों पर हो सकता है गंभीर असर

इसके अतिरिक्त, बार-बार संक्रमण के शिकार लोगों में फेफड़े और हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों के विकसित होने की आशंका तीन गुना अधिक थी। ऐसे लोगों ने मस्तिष्क और तंत्रिका संबंधी विकारों के जोखिम का अनुभव भी, एक बार या बिना संक्रमितों की तुलना में 1.6 गुना अधिक किया।

शोधकर्ताओं की टीम ने कहा, कोरोना का संक्रमण हर बार आपके लिए समस्याकारक है, हर बार इससे बचाव के लिए आपको प्रयास करते रहने की आवश्यकता है, वरना इसके कारण गंभीर जोखिमों का खतरा हो सकता है।

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