मौसम बदलने के साथ सर्दी-जुकाम और बुखार होने की समस्या को काफी सामान्य माना जाता है। इन्फ्लूएंजा (वायरल फीवर) की यह समस्या लगभग हर उम्र के लोगों को परेशान करती है जिसमें गले में खराश, नाक बहने, खांसी, थकान और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आमतौर पर इस तरह की दिक्कतें कुछ दिनों में ठीक भी हो जाती हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर बार सर्दी-जुकाम होने को वायरल फीवर मानकर चलना आपके लिए मुसीबतों को बढ़ाने वाला कारक हो सकती है। कोविड-19 के साथ कई अन्य बीमारियों में भी इसी तरह से फ्लू जैसे लक्षण देखे जाते रहे हैं, इसे सामान्य वायरल संक्रमण मानकर नजरअंदाज कर देना भारी पड़ सकता है।
सावधानी जरूरी: हर सर्दी-जुकाम इन्फ्लूएंजा संक्रमण नहीं, ये निमोनिया-आरएसवी का भी हो सकता है संकेत, रहें अलर्ट
वायरस संक्रमण और अन्य बीमारियों के लक्षण और अंतर
मौसम बदलने के साथ होने वाले वायरल फीवर की समस्या 3-4 दिनों में ठीक हो जाती है। हालांकि कोविड-19 जैसे अन्य इससे मिलते-जुलते संक्रमण ने लोगों के मन में कई प्रकार का डर पैदा कर दिया है। डॉक्टर्स कहते हैं, कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में मौसम बदलने के साथ संक्रमण होने का खतरा रहता है। कोविड-19, निमोनिया और आरएसवी वायरस से संक्रमण के कारण भी शुरुआत में लोगों में सामान्य वायरल फीवर की तरह की समस्या हो सकती है जिसके बारे में सभी लोगों को जानना आवश्यक है।
कोविड-19 में सर्दी-जुकाम के लक्षण
वायरल फीवर की तरह से कोविड-19 में भी लोगों में सर्दी-जुकाम की समस्या देखी जाती रही है। डॉक्टर्स कहते हैं, वायरल फीवर में गंभीर रोग विकसित होने का खतरा नहीं होता है जबकि कोविड-19 के कारण यह जोखिम काफी बढ़ जाता है। कोविड-19 के कारण फेफड़ों और सांस से संबंधित गंभीर समस्याएं देखी जाती रही हैं जबकि सामान्य वायरल फीवर में इस तरह का जोखिम नहीं होता है। इसके विशिष्ट लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देना आवश्यक है।
निमोनिया की समस्या और लक्षण
डॉक्टर्स कहते हैं निमोनिया की बीमारी बच्चों में काफी सामान्य देखी जाती है, यह वयस्कों को भी प्रभावित कर सकती है। निमोनिया के कुछ शुरुआती लक्षण भी सामान्य इंफ्लूयंजा की तरह के हो सकते हैं। फ्लू की तुलना में निमोनिया अधिक गंभीर समस्या है। संक्रमण की स्थिति में एक या दोनों फेफड़ों में हवा की थैली में इंफ्लामेशन के कारण निमोनिया हो सकता है। फेफड़ों का यह संक्रमण खांसी, बुखार, ठंड लगने, थकान और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण पैदा कर सकता है। समय रहते स्थिति का निदान और इलाज किया जाना बहुत आवश्यक माना जाता है।
आरएसवी की समस्या
रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस (आरएसवी) के लक्षण भी फ्लू के जैसे होते हैं जिनको लेकर लोगों में भ्रम देखा जाता रहा है। यह एक सामान्य श्वसन वायरस है जो आमतौर पर हल्के, सर्दी जैसे लक्षणों का कारण बनता है, इसके अधिकांश मामले एक या दो सप्ताह में ठीक हो जाते हैं। हालांकि यह शिशुओं और वृद्ध लोगों में गंभीर रूप भी ले सकती है। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, नाक बहना, भूख में कमी, खांसी, छींक, बुखार और घरघराहट जैसे लक्षण आरएसवी की समस्या के संकेत हैं जिन्हें लेकर लोगों को सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता होती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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