What to Eat When You Can't Sleep: अक्सर ऐसा होता है कि कुछ लोग जब बिस्तर पर सोने जाते हैं तो दिमाग में दिनभर कि चीजें दौड़ने लगती हैं जिसकी वजह से नींद नहीं आती है। ऐसा इसलिए होता है क्यों कि दिनभर की तनाव की वजह से कॉर्टिसोल हार्मोन रीलिज होता है, और ये सोने वाले हार्मोन (मेलेटोनिन) को रीलिज करने में अवरोध पैदा करता है। यही वजह है कि जल्दी नींद नहीं आती है और अगर आती भी है तो बार-बार नींद टूट जाती है ऐसे में सुबह उठने के बाद भी थकान ही महसूस होता है।
Health Tips: नींद न आने की समस्या से परेशान हैं तो डाइट में शामिल करें ये चीजें, डॉक्टर ने दिया सुझाव
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद न आने की समस्या होना बेहद आम हो चुकी है। बहुत से लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। नींद न आने के पीछे आहार की भी एक बड़ी भूमिका होती है। डॉक्टर ने इसी से संबंधित कुछ सुझाव दिए हैं, आइए उसी के बारे में जानते हैं।
केला और चेरी
डॉक्टर के अनुसार केला और चेरी दोनों ही नींद के लिए बहुत फायदेमंद हैं। केले में पोटेशियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होते हैं, जो दिमाग के मांसपेशियों को आराम देते हैं। वहीं चेरी मेलाटोनिन का एक प्राकृतिक स्रोत है। ये दोनों मिलकर दिमाग को शांत करते हैं और जल्दी नींद लाने में मदद करते हैं।
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ओट्स और कीवी
ओट्स में कार्बोहाइड्रेट और मेलाटोनिन होता है, जो शरीर में शुगर के स्तर को धीरे-धीरे बढ़ाता है और नींद लाने में सहायक होता है। कीवी भी एक बेहतरीन विकल्प है। शोध बताते हैं कि सोने से पहले कीवी खाने से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है, क्योंकि इसमें सेरोटोनिन और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं।
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बादाम में मैग्नीशियम होता है, जो नींद के लिए जरूरी है। यह मांसपेशियों को आराम देता है और तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। सोने से पहले गर्म दूध पीना भी एक सदियों पुराना नुस्खा है। दूध में ट्रिप्टोफैन नाम का एक अमीनो एसिड होता है, जो शरीर को सेरोटोनिन और मेलाटोनिन जैसे हार्मोन बनाने में मदद करता है।
इन आहारों के साथ-साथ, अपनी आदतों में भी बदलाव लाना ज़रूरी है। सोने से कम से कम एक घंटे पहले स्क्रीन टाइम (मोबाइल, टीवी) कम कर दें। सोने के लिए एक शांत और आरामदायक माहौल बनाएं। रोज़ाना एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें। यह आपके शरीर की जैविक घड़ी को सही रखता है, जिससे नींद की समस्या दूर होती है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।