कोरोना वायरस से बचाव को लेकर शुरुआत से ही सोशल डिस्टेंसिंग रखने साफ-सफाई बरतने और मास्क पहनने की सलाह दी जाती रही है। कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए लंबे समय तक एन 95 मास्क को सबसे सुरक्षित बताया जा रहा था, लेकिन पिछले दिनों विशेषज्ञों ने बताया कि वॉल्व वाले एन 95 मास्क कोरोना से बचाव करने में कारगर नहीं है। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी इस बारे में दिशानिर्देश जारी किया था। हालांकि साथ ही यह भी कहा गया है कि बिना वॉल्व वाला एन95 मास्क सुरक्षित है। ये तो हो गई मास्क पहनने की बात, लेकिन इसे डिस्पोज कैसे किया जाना चाहिए?
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Coronavirus: मास्क इस्तेमाल करने के बाद यहां-वहां न फेंकें, खासकर कोरोना मरीज बरतें ज्यादा सावधानी
Mon, 03 Aug 2020 09:44 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Mon, 03 Aug 2020 09:44 PM IST
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कोरोना वायरस से बचाव
- फोटो : Pixabay
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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- कोरोना से बचने के लिए मास्क पहनना तो जरूरी है। लोग ग्लव्स का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य व्यक्ति को मास्क और ग्लव्स को उपयोग करने के बाद जहां-तहां नहीं फेंकना चाहिए, बल्कि इसे तीन दिन यानी 72 घंटे तक पैपर बैग में रखें और इसके बाद इसे काटकर कचरा जमा करने के लिए नगरपालिका की जो गाड़ी आती है, उसमें सूखे कचरे के साथ डाल सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, मास्क और ग्लव्स न तो कोरोना वेस्टेज माना जाएगा और न ही बायो मेडिकल वेस्ट।
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कोरोना के मरीज या संदिग्ध रखें ध्यान
- अगर आप कोरोना पॉजिटिव हैं या फिर कोरोना संदिग्ध हैं और तक मास्क, ग्लव्स वगैरह इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इस्तेमाल के बाद यह कोरोनो वेस्टेज माना जाएगा। इसे अलग ढक्कन वाले कूड़ेदान में रखें। इसे या तो बायो मेडिकल वेस्ट की गाड़ी लेकर जाएगी या नगर निगम के कचरा कलेक्शन वाली गाड़ी में इसे ब्लैक बॉक्स में रखा जा सकता है। ब्लैक बॉक्स का यह कचरा ट्रांसफर स्टेशन पर अलग से जमा किया जा रहा है।
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कोरोना वायरस मरीज (File Photo)
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क्या है प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दिशानिर्देश
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के दिशानिर्देश में स्पष्ट है कि कोरोना मरीज द्वारा उपयोग की गई हर वस्तु कोविड वेस्ट नहीं मानी जाएगी। केवल ग्लव्स, मास्क, सिरिंज, फेंकी गई दवाओं को ही कोविड वेस्ट माना जाएगा। वहीं यूरिन बैग, बॉडी फ्लयूड, ब्लड सोक्ड टिश्यूज, या कॉटन को भी इसी में शामिल होंगे। मेडिसिन के बॉक्स, रैपर, फलों के छिलके, जूस बॉटल आदि को म्युनिसिपल वेस्टेज के साथ रखा जा सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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- मालूम हो कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा यह बताया जा चुका है कि आप घर में तैयार मास्क भी प्रयोग कर सकते हैं। घर में कॉटन यानी सूती कपड़े से आप मास्क बना सकते हैं। कपड़े का लेयर दो या तीन रहे ज्यादा बेहतर बचाव करेगा। बाजार में खुले में बिकने वाले रेस्पिरेटर यानी वॉल्व वाले मास्क कोरोना से पूरी तरह बचाव नहीं कर सकते।