{"_id":"60a36825fa0cab50b53008d8","slug":"how-to-track-ovulation-period-and-know-important-things-about-ovulation","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"ओवुलेशन से जुड़ी इन बातों को न करें नजरअंदाज, ऐसे लगाएं ओवुलेशन दिन का पूर्वानुमान ","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
ओवुलेशन से जुड़ी इन बातों को न करें नजरअंदाज, ऐसे लगाएं ओवुलेशन दिन का पूर्वानुमान
डॉ क्षितिज मुर्डिया
स्त्री रोग विशेषज्ञ, को फाउंडर- इंदिरा आईवीएफ
अनुभव- 10 वर्ष
ओवुलेशन प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ा एक ऐसा विषय है जिसके बारे में कई मिथक, असत्यापित जानकारी और बातें कही, बोली और सुनी जाती हैं। ओवुलेशन के अलावा भी कई कारक हैं जो प्रेग्नेंट होने में मदद कर सकते हैं लेकिन सफल गर्भाधान के लिए यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपनी फर्टाइल विंडो के बारे में जानकारी न होने पर लोगों के लिए ओवुलेशन के दिनों को याद रखना या उनके बारे में पूर्वानुमान करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अगली स्लाइड्स से जानिए ओवुलेशन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।
2 of 8
अंडाशय से फैलोपियन ट्यूब में छोड़ा जाता है
- फोटो : amar ujala bureau
ओवुलेशन क्या है?
ओवुलेशन प्रजनन साइकिल का हिस्सा है, इसमें अंडे को प्रमुख फॉलिकल के अंडाशय से फैलोपियन ट्यूब में छोड़ा जाता है। जब अंडे को एक शुक्राणु द्वारा फर्टिलाइज किया जाता है, तो फैलोपियन ट्यूब में एक भ्रूण बनता है जो बाद में गर्भाशय तक जाता है और आगे भ्रूण में विकसित होता है। जब अंडा शुक्राणु द्वारा फर्टिलाइज नहीं होता, वह विघटित हो जाता है और मासिक धर्म के दौरान गर्भाशय के अस्तर के साथ बहा दिया जाता है।
3 of 8
सबसे फर्टाइल दिन उससे दो-तीन दिन पहले होंगे
- फोटो : सोशल मीडिया
ओवुलेशन दिन को कैसे याद रखें?
आमतौर पर हर मासिक धर्म की शुरुआत से लगभग 13-15 दिन पहले ओवुलेशन होता है। लेकिन मासिक धर्म की तरह, ओवुलेशन का समय प्रत्येक व्यक्ति में साइकिल के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। यदि एक औसत मासिक धर्म चक्र 28 दिनों का है, तो ओवुलेशन के लिए सबसे सही दिन 14 वें दिन के आसपास होगा, और सबसे फर्टाइल दिन उससे दो-तीन दिन पहले होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 8
योनि स्राव की मात्रा बढ़ जाती है
- फोटो : pixabay
ओवुलेशन के लक्षण
ओवुलेशन के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। कई महिलाएं इन लक्षणों का अनुभव कर सकती हैं- हल्का ओवुलेशन दर्द, स्पॉटिंग, कामेच्छा में वृद्धि, स्तनों का फूलना, ब्लोटिंग और योनि स्राव में बदलाव (अंडे की सफेदी की तरह साफ और फिसलन) और योनि स्राव की मात्रा बढ़ जाती है।
विज्ञापन
5 of 8
ओवुलेशन को ट्रैक किया जा सकता है
- फोटो : social media
इन तरीकों से भी किया जा सकता है ट्रैक
यदि लक्षणों के आधार पर आप अपना ओवुलेशन का समय पता नहीं लगा पा रहे हैं तब आप और भी कई तरीके अपना सकते हैं। जिसमें ट्रांसवेजिनल सोनोग्राफी, बेसल बॉडी टेम्परेचर, ओवुलेशन प्रेडिक्शन किट, ट्रैकिंग कैलेंडर बनाकर, ओवुलेशन इंडिकेटर एप्लिकेशन आदि द्वारा भी ओवुलेशन को ट्रैक किया जा सकता है।
सबसे विश्वसनीयहिंदी न्यूज़वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ेंलाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसेहेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health and fitness news), लाइवफैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्टफूड न्यूज़इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) औरयात्रा (travel news in Hindi) आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।