Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण की गंभीरता के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ डेल्टा वेरिएंट को मुख्य कारक के रूप में देख रहे हैं। कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि डेल्टा का म्यूटेटेड रूप 'डेल्टा प्लस वेरिएंट', भारत में कोरोना की तीसरी लहर का कारण बन सकता है। कोरोना की तीसरी लहर कब आएगी और यह कितनी गंभीर होगी, ऐसे सवाल आपके मन में भी जरूर होंगे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की पहली दो लहरों की तरह इस बार भी खतरा उन लोगों में ज्यादा होगा, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है। फिलहाल वैक्सीनेशन के कारण काफी लोगों को सुरक्षित माना जा सकता है, हालांकि संक्रमण का खतरा टला नहीं है। ऐसे में तीसरी लहर से बचाव की तैयारियों को अभी से शुरू कर देना चाहिए। आइए इस लेख में विशेषज्ञों द्वारा बताए गए लाइफस्टाइल से जुड़े दो बदलाव और तीन खाद्य पदार्थों के बारे में जानते हैं जो कोरोना की तीसरी लहर से सुरक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सलाह: जीवनशैली में दो बदलाव के साथ इन तीन चीजों का करें सेवन, तीसरी लहर को दे सकेंगे आसानी से मात
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लाइफ स्टाइल में बदलाव 1: शराब और धूम्रपान से करें परहेज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शराब का सेवन शरीर के लिए कई तरह से नुकसानदायक हो सकता है। लिवर की कार्यप्रणाली को कमजोर करने के साथ यह संक्रमण से लड़ने की शरीर की क्षमता को भी कम कर देता है। इसलिए शरीर की इम्यूनिटी को बेहतर बनाए रखने के लिए शराब का सेवन बिल्कुल बंद कर दें। इसके अलावा धूम्रपान फेफड़ों के लिए काफी नुकसादयक माना जाता है, फेफड़ों को स्वस्थ रखने और प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाए रखने के लिए इससे बचना चाहिए।
लाइफ स्टाइल में बदलाव 2: नियमित रूप से व्यायाम करें
अध्ययनों के अनुसार जो लोग व्यायाम करते हैं उनके शरीर में टी-कोशिकाओं का उत्पादन, व्यायाम न करने वालों की तुलना में अधिक होता है। जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स एंड हेल्थ साइंस में प्रकाशित 2019 के एक अध्ययन के अनुसार, व्यायाम करने से कई ऐसे हार्मोन का स्राव बढ़ जाता है जो प्राकृतिक रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित व्यायाम करने की सलाह देते हैं।
नींबू को विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट शरीर से फ्री रेडिकल्स को हटाने में सहायक हैं जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर संक्रमण का कारण बन सकती हैं। नींबू में थियामिन, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी-6, पैंटोथेनिक एसिड, कॉपर और मैंगनीज भी काफी अच्छी मात्रा में पाई जाती है। नींबू के अलावा संतरे को भी विटामिन सी का बेहतर स्रोत माना जाता है। आहार विशेषज्ञों के अनुसार 1 मध्यम आकार के संतरे (100 ग्राम) में विटामिन सी की मात्रा 53.2 मिलीग्राम के करीब होती है। साइट्रिक युक्त फलों में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाने के साथ फ्री रेडिकल्स के कारण हमारी कोशिकाओं को होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।
आहार 2: प्रोटीन का सेवन करें
शाकाहारी लोगों के लिए सोया मिल्क का सेवन तमाम तरह की प्रोटीन और विटामिन्स की आवश्यकताओं को पूरा करने वाला हो सकता है। सोयाबीन से बना हुआ यह दूध विटामिन और खनिजों से भरपूर होता है। 240 मिली सोया मिल्क से न केवल 7 ग्राम प्रोटीन बल्कि कैल्शियम, विटामिन डी और विटामिन बी12 की भी उचित मात्रा प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा मसूर की दाल को प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। 240 मिली मसूर के पके दाल में 18 ग्राम प्रोटीन की मात्रा होती है। दाल में कार्ब्स की मात्रा भी अच्छी होती है। एक कप (240 मिली) मसूर की दाल से शरीर के लिए रोजाना आवश्यक 50 फीसदी फाइबर प्राप्त किया जा सकता है।