दुनियाभर में मधुमेह की बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है। आंकड़े बताते हैं कि हर साल लाखों नए लोगों में इस गंभीर और क्रोनिक बीमारी का निदान किया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अग्न्याशय द्वारा पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन (रक्त शर्करा को नियंत्रित करने वाला हार्मोन) का उत्पादन न कर पाने या शरीर द्वारा उत्पादित इंसुलिन का प्रभावी ढंग से उपयोग न हो पाने के कारण डायबिटीज की समस्या हो सकती है। डॉक्टरों की मानें तो कुछ दशकों पहले तक मधुमेह को उम्र के साथ होने वाली स्वास्थ्य समस्या के रूप में देखा जाता था, हालांकि अब यह कम उम्र के लोगों को भी अपना शिकार बना रही है।
हार्वर्ड वैज्ञानिकों ने चेताया: युवाओं में बढ़ती जा रही है यह गंभीर समस्या, जान लीजिए इससे बचने का मूल मंत्र
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अपने वजन पर ध्यान दें
हार्वर्ड वैज्ञानिक बताते हैं, अधिक वजन या मोटापे के शिकार लोगों में टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि पेट की चर्बी, वसा कोशिकाओं को 'प्रो-इंफ्लेमेटरी' रसायनों को छोड़ने के लिए प्रेरित करती है जिसके परिणामस्वरूप शरीर इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील बन जाता है। यह स्थिति इंसुलिन का उत्पादन करने वाली कोशिकाओं के कार्य और उनकी क्षमता को बाधित कर देती है। इन समस्याओं से बचे रहने के लिए सभी लोगों को अपने वजन पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
शरीर को सक्रिय रखें
हार्वर्ड वैज्ञानिकों के मुताबिक एक ही जगह पर लगातार बैठकर काम करते रहने या दिनभर आराम करते रहने की आदत सेहत के लिए गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। इस तरह की शारीरिक निष्क्रियता टाइप-2 मधुमेह के जोखिम को बढ़ावा देती है। मांसपेशियों को सक्रिय रखने से इंसुलिन के बेहतर उपयोग और ग्लूकोज को अवशोषित करने की उनकी क्षमता में सुधार किया जा सकता है। हार्वर्ड टीएच चैन की रिपोर्ट के अनुसार शरीर को फिट रखने और मधुमेह से सुरक्षित रखने के लिए कम बैठने और ज्यादा चलने की आदत डालें।
हार्वर्ड की रिपोर्ट में कहा गया है कि शरीर को फिट और टाइप-2 मधुमेह से सुरक्षित रखने के लिए अपने आहार में इन चार बातों का विशेष ध्यान रखना आवशयक है।
- मीठे पेय से दूरी बना लें। इसकी जगह फलों के जूस का सेवन करें।
- आहार में हेल्दी फैट वाली चीजों को शामिल करें।
- रेड मीट का सेवन कम से कम करें।
- प्रोसेस्ड मीट खाने से बचें। इसके बजाय नट्स, बीन्स, साबुत अनाज, पोल्ट्री या मछली का सेवन बढ़ाएं।
शराब और धूम्रपान हैं सेहत के दुश्मन
हार्वर्ड विशेषज्ञों के मुताबिक धूम्रपान, हृदय और फेफड़ों के रोगों के साथ टाइप-2 मधुमेह के खतरे को भी बढ़ा देता है। धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों में मधुमेह होने की आशंका 50 प्रतिशत अधिक होती है।यूएस एफडीए के अनुसार, धूम्रपान, डायबिटीज के प्रबंधन और इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करने की क्षमता को कठिन बना सकता है। इसी तरह मधुमेह रोगियों के लिए शराब का सेवन भी बेहद खतरनाक है। शराब और धूम्रपान से परहेज करके टाइप-2 मधुमेह के खतरे को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख हार्वर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक द्वार सुझाई गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला के हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।