मान्यताओं के अनुसार शरदीय नवरात्रि के साथ ही देश में सर्दी के मौसम की शुरुआत हो जाती है, यही कारण है कि पिछले एक-दो हफ्तों से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम में इस परिवर्तन के साथ आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिल जाएगी, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य के प्रति लोगों को इन दिनों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। डॉक्टर बताते हैं कि मौसम में यह बदलाव कई बीमारियां लेकर आते हैं, इससे बचाव करना जरूरी होता है। चूंकि अब सुबह शाम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही है ऐसे में फ्लू के संक्रमण के साथ लोगों को गले में खराश और बंद नाक की समस्या होना काफी सामान्य है।
सावधान: मौसम में बदलाव के साथ बढ़ गया है वायरल संक्रमण का खतरा, यह चार उपाय आपको रखेंगे सुरक्षित
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हाथों की स्वच्छता का रखें विशेष ध्यान
मौसम में होने वाले बदलाव के साथ वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टर कहते हैं कि यदि हाथों को बार-बार धोते रहने की आदत बना ली जाए तो वायरल संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। रोजाना कई सतहों के संपर्क में आने के परिणामस्वरूप हाथों में कीटाणु या वायरस चिपक जाते हैं, ऐसे में हाथों को मुंह, आंख और कान के पास ले जाने की स्थिति में शरीर में संक्रमण प्रवेश कर सकता है। हाथ धोने या सैनिटाइज़ करने की आदत इस तरह के संक्रमण से सुरक्षा दे सकती है।
नमक पानी के गरारे
अध्ययनों से पता चला है कि नमक पानी से गरारे करने से ऊपरी श्वसन तंत्र में होने वाले संक्रमण की आशंका को कम किया जा सकता है। मुंह और गले में रहने वाले बैक्टीरिया को साफ करने का यह सबसे प्रभावी तरीका हो सकता है। पानी में चुटकी भर नमक डाल कर गरारे करने से गले का संक्रमण दूर होता है और वायरल संक्रमण से बचाव में आसानी होती है।
मौसमी फलों का सेवन जरूरी
डॉक्टरों के मुताबिक शरीर को स्वस्थ रखने और तमाम प्रकार के संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए उन चीजों का सेवन बहुत आवश्यक होता है जो इम्यूनिटी को बढ़ावा देते हैं। मौसमी फलों को इसके लिए सबसे कारगर तरीका माना जाता है। इस मौसम में केले, अनार, सेब, पपीता कीवी जैसे फलों का सेवन करके मौसमी संक्रमण के खतरे से सुरक्षित रहा जा सकता है।
व्यायाम और नींद आवश्यक
शरीर को स्वस्थ और तमाम तरह के रोगों से मुक्त रखने के लिए व्यायाम और नींद दोनों बहुत आवश्यक हैं। शारीरिक निष्क्रियता के कारण तमाम तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, वहीं नींद न पूरी होने से भी शरीर का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। एक अध्ययन से पता चला है कि जो लोग नियमित रूप से हल्के व्यायाम (45 मिनट का व्यायाम 3-5 दिन प्रति सप्ताह) करते हैं उनमें ऊपरी श्वसन रोगों से लड़ने में अधिक क्षमता होती है। वहीं एक अन्य अध्ययन के मुताबिक प्रति रात 7 घंटे से की नींद पूरी करने वाले लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली बेहतर रहती है, जो उन्हें तमाम प्रकार के संक्रमण से सुरक्षित रखने में सहायक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।