पिछले एक दशक में जिन स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम सबसे अधिक बढ़ता हुआ देखा गया है, हृदय रोग उनमें से एक हैं। जीवनशैली-आहार और शारीरिक निष्क्रियता ने हृदय रोगों के खतरे को कई गुना तक बढ़ा दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक हृदय रोग दुनियाभर में मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण हैं, ऐसे में सभी लोगों को इस बीमारी से बचाव को लेकर सावधानी बरतते रहना चाहिए। फैट वाले आहार, तेल-मसालों का अधिक सेवन और हाई ब्लड प्रेशर आदि हृदय रोगों के जोखिम को कई गुना तक बढ़ा देते हैं, पर क्या आप जानते हैं कि अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियों के अलावा दैनिक जीवन की कुछ अन्य सामान्य गतिविधियां भी हृदय की सेहत को प्रभावित कर सकती हैं?
Cardiovascular Health: ऐसी सामान्य आदतें भी हृदय रोगों का बढ़ा देती हैं जोखिम, इन्हें हल्के में लेने की गलती न करें
बढ़ा हुआ स्क्रीन टाइम
मोबाइल-कंप्यूटर आदि स्क्रीन्स पर बीतने वाले समय को स्क्रीन टाइम कहा जाता है, पर इस समय का बढ़ जाना आपके लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। आमतौर पर बढ़े हुए स्क्रीन टाइम को आंखों और नींद संबंधित समस्याओं से जोड़कर देखा जाता है, पर इसका असर आपके हृदय को भी नुकसान पहुंचा सकता है। स्क्रीन टाइम बढ़ने के साथ स्वाभावित रूप से लंबे समय तक बैठे रहने, नीली रोशनी के संपर्क में आने, नींद के खराब होने और शारीरिक निष्क्रियता का जोखिम बढ़ जाता है जिसका आपके हृदय स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
लोगों में बढ़ता अकेलापन
एकांत और अकेलापन दो अलग-अलग स्थितियां हैं। एकांत की स्थिति आपको शांतिपूर्ण अनुभव कराती है वहीं अकेलेपन का विपरीत प्रभाव पड़ता है और इससे मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। लोगों से न मिलना या बात न करना, अपने आप में खोए रहना आपको अवसाद का शिकार बना सकता है। कुछ स्थितियों में यह उच्च रक्तचाप का भी कारण बनती है जिसका हृदय प्रणाली पर सीधा असर हो सकता है।
व्यायाम को लेकर बरतें सावधानी
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए दैनिक रूप से व्यायाम बहुत आवश्यक है। पर कहीं आप बहुत अधिक व्यायाम तो नहीं कर रहे? बहुत अधिक या कम व्यायाम दोनों ही सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। व्यायाम न करने से शारीरिक निष्क्रियता बढ़ती है, वहीं बहुत अधिक व्यायाम से हृदय पर अतिरिक्त दबाव बढ़ जाता है, यह दोनों ही स्थितियां आपको हृदय रोगों का शिकार बना सकती हैं। इससे बचे रहने के लिए सीमित व्यायाम सुनिश्चित करें।
रिश्तों में उतार-चढ़ाव
जिन लोगों के साथ आप समय बिताते हैं, वे आपको शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से प्रभावित कर सकते हैं। अपने माता-पिता, दोस्तों, या प्रेम संबंधों में किसी तरह की दूरी आ जाने का भी असर सीधे आपके हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। इन स्थितियों में आप अधिक सोचना शुरू कर देते हैं, जिससे स्वाभाविक तौर पर ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। लंबे समय तक बनी रहने वाली यह समस्या हृदय रोगों, यहां तक कि गंभीर स्थितियों में हार्ट अटैक तक का कारण बन सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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