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कोरोना महामारी को डेढ़ साल से ज्यादा का समय बीत गया है। महामारी की शुरुआत से ही इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीजों के सेवन पर जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर की प्रतिरक्षा एक दिन या कुछ हफ्तों में बढ़ने वाली चीज नहीं है, इसके लिए आपको लगातार प्रयास करते रहना चाहिए। शरीर का पर्याप्त आराम, पौष्टिक भोजन, उचित वातावरण और नियमित रूप से व्यायाम मिलता रहे तो शरीर की प्रतिरक्षा स्वत: मजबूत होने लगती है। महामारी की शुरुआत से ही हमें बताया जाता रहा है कि विटामिन-सी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए बेहद आवश्यक है, पर इसके साथ हमारे लिए यह भी जानना जरूरी है कि अकेले विटामिन सी ही मजबूत इम्यूनिटी विकसित नहीं कर सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि शरीर की मजबूत प्रतिरक्षा के लिए विटामिन सी के साथ कई सूक्ष्म पोषक तत्व, प्रोबायोटिक्स और एंटीऑक्सिडेंट भी आवश्यक होती है। सामान्यतौर पर मांसाहार का सेवन करने वाले लोगों के लिए इन पोषक तत्वों को प्राप्त करना आसान होता है लेकिन शाकाहारी लोगों के लिए यह हमेशा से बड़ी चुनौती रही है।
आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि आखिर भोजन के माध्यम से शाकाहारी लोग तमाम प्रकार के पोषक तत्व प्राप्त करके अपनी इम्यूनिटी को कैसे मजबूत बना सकते हैं?
सलाह: कोरोना की तीसरी लहर से सुरक्षित रहने के लिए शाकाहारी लोग खाएं यह चीजें, मजबूत होगी इम्यूनिटी
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कैसे प्राप्त करें विटामिन-ए
इम्यूनिटी को बढ़ावा देने में विटामिन-ए की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। यूके एनएचएस के अनुसार, आहार में विटामिन-ए से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करने से शरीर की बीमारी और संक्रमण के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रणाली विकसित होने में मदद मिल सकती है। शाकाहारी लोगों के लिए पीले, लाल और हरी (पत्तेदार) सब्जियां जैसे पालक, गाजर, शकरकंद और लाल मिर्च, पीले फल जैसे आम, पपीता और खुबानी आदि विटामिन-ए के अच्छे पूरक हो सकते हैं।
विटामिन-सी से मजबूत होती है शरीर की प्रतिरक्षा
एस्कॉर्बिक एसिड नाम से जाने जाना वाला विटामिन-सी कोशिकाओं की रक्षा करने और उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करने के साथ त्वचा, रक्त वाहिकाओं और हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए बेहद आवश्यक है। खट्टे फलों को विटामिन-सी का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसके लिए आप संतरा, नींबू, ब्रोकोली, ब्रसेल्स स्प्राउट्स आदि का सेवन कर सकते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि सभी लोगों को भोजन की थाली में जितना हो सके उतने रंगीन फल और सब्जियों को शामिल करना चाहिए। पालक जैसे साग एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत माने जाते हैं। एडिथ-गाउन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने डेनमार्क में रहने वाले 50,000 से अधिक लोगों के डेटा का अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि नाइट्रेट युक्त सब्जियों का सेवन करने वाले लोगों में रक्तचाप संबंधी समस्याएं कम पाई गईं। ऐसे लोगों में हृदय रोग का जोखिम भी 12 से 26 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
आहार विशेषज्ञ बताते हैं कि शाकाहारी लोग के लिए प्रोबायोटिक्स प्राप्त करने का सबसे अच्छा स्रोत है दही और छाछ। प्रोबायोटिक्स के लाभकारी प्रभाव कई बीमारियों से सुरक्षा देने में देखे जा चुका हैं। प्रोबायोटिक्स प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सभी लोगों को दैनिक रूप से भोजन के साथ दही का सेवन जरूर करना चाहिए। दही पाचन क्रियाओं को भी ठीक रखने में सहायक मानी जाती है।
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नोट: यह लेख आहार और पोषण विशेषज्ञ अर्चना सेठी के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। अर्चना, लखनऊ की जानी-मानी पोषण विशेषज्ञ हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।