यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या आजकल लोगों में बहुत आम हो गई है। इसके कारण उंगलियों को जोड़ों, घुटनों में दर्द की दिक्कत हो सकती है। कई बार परेशानी इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि इसके कारण चलना और रोजमर्रा के कामकाज करना भी कुछ लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है।
जानना जरूरी: हाई यूरिक एसिड से क्या किडनी स्टोन का भी बढ़ जाता है खतरा? कैसे करें इसे कंट्रोल
Uric Acid Problem: यूरिक एसिड बढ़ने पर कुछ लोगों में गाउट और किडनी स्टोन का खतरा भी बढ़ सकता है। किडनी की कार्यक्षमता में गड़बड़ी यूरिक एसिड बढ़ा सकती है। खूब पानी पीते रहना, संतुलित खानपान और डॉक्टर की सलाह जरूरी हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, खराब जीवनशैली, फास्ट फूड, रेड मीट और शराब के अधिक सेवन ने हाई यूरिक एसिड के मामलों को काफी बढ़ा दिया है। शुरुआती दौर में इसका कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिलता, इसलिए ज्यादातर लोग इस समस्या से अनजान रहते हैं। लेकिन जब जोड़ों में तेज दर्द, सूजन, अकड़न शुरू होती है तो इसका पता लगाने के लिए किए जाने वाले टेस्ट से इसकी पहचान होती है।
जोड़ों में दर्द और गाउट की समस्या
- यूरिक एसिड का स्तर ज्यादा होने पर जोड़ों में इसके क्रिस्टल जमा हो सकते हैं। इससे गाउट नाम की समस्या होती है। इसमें पैर के अंगूठे, टखने या घुटने में अचानक तेज दर्द, सूजन, लालिमा जैसी परेशानियां बढ़ जाती हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किडनी में होने की समस्याओं के कारण यूरिक एसिड की दिक्कत हो सकती है। इसी तरह यूरिक एसिड का स्तर लगातार बढ़ा रहना भी किडनी के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।
- पेशाब में यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होने और पेशाब का ज्यादा अम्लीय होने पर यूरिक एसिड स्टोन बन सकती है। जब हमारा प्यूरीन का ब्रेकडाउन करता है तो इससे यूरिक एसिड बनता है।
- अगर खून और पेशाब में यूरिक एसिड का स्तर बहुत ज्यादा हो जाए और आपका पेशाब बहुत ज्यादा एसिडिक (लो पीएच वाला) हो जाए तो यूरिक एसिड, क्रिस्टल के रूप में जमा होकर पथरी की समस्या भी बढ़ा सकते हैं। किडनी की कुल पथरी में से लगभग 5% से 10% यूरिक एसिड स्टोन होते हैं।
यूरिक एसिड को कैसे कंट्रोल किया जाए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, खान-पान और लाइफस्टाइल को ठीक रखकर यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है।
- खूब पानी पिएं। शराब और मीठे पेय और हाई फ्रक्टोज वाली चीजों का सेवन कम करें।
- रेड मीट और सी-फूड्स का सेवन भी कम से कम करें।
- वजन को कंट्रोल में रखना जरूरी है। वजन बढ़ने के साथ ये समस्या बढ़ सकती है।
- अगर कमर में तेज दर्द, पेशाब में खून आता है या पेशाब करने में परेशानी हो रही है तो इस बारे में तुरंत डॉक्टर से मिलकर जांच करा लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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