राजधानी दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं। इससे न सिर्फ सामाजिक और आर्थिक समस्याएं उत्पन्न होने का खतरा है साथ ही सेहत को लेकर भी गंभीर जोखिम हो सकते हैं। बाढ़-जलजमाव के कारण स्वाभाविक तौर पर मच्छर जनित रोगों का खतरा काफी बढ़ जाता है, पर जोखिम सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं हैं।
डॉक्टर्स ने चेताया: बाढ़-जलजमाव के कारण संक्रामक बीमारियों और पीलिया का बढ़ा खतरा, करें बचाव
बाढ़ के कारण कई प्रकार की बीमारियों का खतरा
बाढ़ और जलजमाव जैसी स्थितियों के कारण होने वाले खतरों को समझने के लिए हमने दिल्ली स्थित एक अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा विभाग के डॉक्टर निरंजन.एन. सिन्हा से बातचीत की।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, बाढ़ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों रूप से मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर स्थिति हो सकती सकती है। केवल बाढ़ से प्रभावित लोगों में ही स्वास्थ्य का खतरा नहीं है, इससे बचाव कार्यों में लगे लोग, स्वास्थ्य देखभालकर्ता और महत्वपूर्ण सेवा प्रदाता भी प्रभावित हो सकते हैं। मच्छर जनित बीमारियों के अलावा डायरिया और पेट से संबंधित समस्याओं का जोखिम इस मौसम में बढ़ जाता है।
पेट से संबंधित संक्रमण और पीलिया का जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, बाढ़ के दिनों में पेट से संबंधित संक्रमण और पीलिया जैसी बीमारियों के मामले बढ़ जाते हैं। इसका मुख्य कारण दूषित जल का सेवन हो सकता है। इससे डायरिया, हैजा, टाइफाइड बुखार और लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा भी हो सकता है। लिवर में होने वाले संक्रमण की स्थिति पीलिया का कारण बनती है इसलिए जरूरी है कि हम सभी अपने स्तर पर पेयजल की शुद्धता का ध्यान रखें। पानी को उबालकर ठंडा करें फिर ही इसका सेवन किया जाना चाहिए।
श्वसन रोग का भी रहता है खतरा
एक अध्ययन में शोधकर्ताओं की टीम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित हिस्सों में श्वसन संबंधी रोगों का खतरा भी अधिक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि बाढ़ के साथ जहरीले रसायन, कीटनाशक और रोगजनक घरों में आ जाते है। बाढ़ के कम हो जाने के बाद भी सूखे हिस्सों में भी ये जहरीले तत्व रह सकते हैं। जैसे-जैसे स्थान सूखता है, ये हानिकारक तत्व चलने और सफाई जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों के माध्यम से धूल में बदल जाते हैं और हवा में मिल सकते हैं। इस तरह की दूषित हवा में सांस लेने से ये पदार्थ फेफड़ों में पहुंचकर गंभीर श्वसन रोगों का खतरा बढ़ा देते हैं।
कैसे करें सेहत की देखभाल
डॉक्टर निरंजन कहते हैं, इन दिनों चूंकि कई राज्यों में भारी बारिश के कारण हालात गड़बड़ हैं, इसलिए आवश्यक है कि हम सभी बीमारियों से बचाव को लेकर हमेशा प्रयास करते रहें। घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। खान-पान को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतें, सब्जियों-फलों को अच्छे से साफ करके ही सेवन करें। उबालकर ठंडा किया हुआ पानी ही पिएं। मच्छरों से बचाव के उपाय भी बहुत जरूरी हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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