कोलेस्ट्रॉल को हृदय रोगों का बड़ा जोखिम कारक माना जाता रहा है, यह रक्त वाहिकाओं में जमा होकर रक्त के सामान्य प्रवाह को भी बाधित करने लगता है यही कारण है हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या वाले लोगों में हृदय रोग और हार्ट अटैक जैसी गंभीर और जानलेवा समस्याओं का जोखिम अधिक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में कई प्रकार की गड़बड़ी के कारण कोलेस्ट्रॉल की समस्या सभी लोगों में बढ़ती जा रही है, जिससे बचाव के लिए प्रयास करना बहुत आवश्यक हो जाता है।
Cholesterol: कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना खतरनाक, क्या हो अगर बहुत लो हो जाए इसका स्तर?
हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या
हाई कोलेस्ट्रॉल मौजूदा समय की बड़ी समस्या है, भारत में भी इस स्थिति वाले लोगों की संख्या काफी तेजी से बढ़ती जा रही है। हाल के वर्षों में बढ़े हार्ट अटैक के ज्यादातर मामलों के लिए इसे एक कारक माना जा रहा है। असल में हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में आपकी रक्त वाहिकाओं में वसा जमा हो सकता है। जैसे-जैसे ये जमाव बढ़ता है, आपकी धमनियों में रक्त का प्रवाह बाधित होने लगता है। कभी-कभी, वसा का ये जमाव अचानक टूट कर थक्का बना सकते हैं जिससे दिल का दौरा या स्ट्रोक का खतरा हो सकता है, इन स्थितियों को जानलेवा माना जाता है।
कोलेस्ट्रॉल लो होना कितना खतरनाक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण कोरोनरी आर्टरी डिजीज होने का खतरा सबसे अधिक देखा जाता रहा है, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कंट्रोल में रखने की सलाह देते हैं। लो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, हालांकि दुर्लभ मामलों में लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल या बैड कोलेस्ट्रॉल) का बहुत कम होना भी आपके लिए कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ, अभी भी लो कोलेस्ट्रॉल और स्वास्थ्य जोखिमों के बीच संबंध के बारे में और अधिक जानने की कोशिश कर रहे हैं। यदि कोलेस्ट्रॉल का स्तर 40 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से कम है तो इसके स्वास्थ्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
लो-कोलेस्ट्रॉल के साइड इफेक्ट्स
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि कोलेस्ट्रॉल का स्तर बहुत कम होना वैसे तो काफी दुर्लभ स्थिति है। चूंकि कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए आवश्यक तत्व है ऐसे में इसकी कमी के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है। कुछ शोध में पाया गया है कि कोलेस्ट्रॉल का बहुत अधिक कम होना कैंसर, रक्तस्रावी स्ट्रोक, डिप्रेशन और स्ट्रेस जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है। यदि गर्भावस्था के दौरान आपका कोलेस्ट्रॉल कम है तो यह स्थिति समय से पहले जन्म और जन्म के समय बच्चे के वजन में कमी का कारण बन सकती है।
कोलेस्ट्रॉल को रखें कंट्रोल
अध्ययनकर्ता कहते हैं, यह स्पष्ट नहीं है कि लो कोलेस्ट्रॉल की स्थिति स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनती ही है, हालांकि कुछ मामलों में इसके कारण जोखिम देखे जाते रहे हैं। उदाहरण के लिए, अवसादग्रस्त लोगों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो सकता है। डॉक्टर कहते हैं, सभी लोगों को आहार और दिनचर्या को ठीक रखकर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कंट्रोल में करने के उपाय करना चाहिए।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।