जब तक शरीर एक लय में चलता है तब तक शायद हम इस बात से बेखबर रहते हैं कि हमारी कोई गलती ही हमारे लिए मुश्किल बन सकती है। प्रकृति ने शरीर की संरचना इस तरह से बनाई है कि प्राकृतिक लय में थोड़ी सी गड़बड़ भी शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। समस्या कई बार ऐसी वजहों से हो सकती है जिन्हें हम थोड़े प्रयासों से रोक या टाल सकते हैं। हर्निया ऐसी ही एक समस्या है।
सलाह: हर्निया से रहना है सुरक्षित तो इन बातों का रखिए ख्याल, ऐसी गलतियों से बचें
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क्यों होती है हार्निया की समस्या?
हर्निया की समस्या तब पैदा होती है जब पेट में मौजूद टिशू (ऊतक) या आंत का कोई हिस्सा कमजोर हो चुकी मांसपेशियों की परत को धकेल कर आगे ले आता है। आमतौर पर इस स्थिति में आंत, पेट की अंदरूनी दीवार को धकेल कर बाहर की ओर कर देती है। इसे एक्सटर्नल हर्निया कहते हैं। हर्निया कई प्रकार से आकार ले सकता है। इसलिए इसको लेकर रखी जाने वाली सावधानियां भी भिन्न हो सकती हैं।
यहां एक बात और समझने वाली है कि सभी प्रकार के हर्निया से बचाव मुश्किल होता है। जन्म से ही पेट की मांसपेशियों का कमजोर होना या पेट की किसी सर्जरी के बाद हर्निया का विकसित होना आपके हाथ में नहीं होता लेकिन कुछ तरीके ऐसे होते हैं जो हर्निया की तकलीफ से बचाने में मदद कर सकते हैं।
हार्निया से बचाव के लिए क्या करें?
- अपने वजन को संतुलित रखें और बढ़ने न दें। वजन बढ़ने से आपके पेट की अंदरूनी दीवार आपकी हर गतिविधि के दौरान एक्स्ट्रा फैट्स का बोझ लगातार सहती रहेगी। इससे हर्निया होने की आशंका भी बढ़ जाएगी।
- एक्सरसाइज का सही होना बहुत जरूरी है। अगर आपने कभी एक्सरसाइज नहीं की है और अचानक इसको शुरू करना चाहते हैं तो डॉक्टर या प्रशिक्षक से सलाह लेकर ही इसे शुरू करना चाहिए। कई बार एक्सराइज गलत करने से भी पेट पर दबाव बनता है।
- अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर फल, सब्जियों, अनाज को शामिल करें। ये पाचन को दुरुस्त रखते हैं। कब्ज होने से भी पेट पर दबाव पड़ता है और हर्निया की समस्या विकसित हो सकती है।
न करें इस तरह की गलतियां
- सिगरेट न केवल आपके फेफड़ों के लिए नुकसानदायक है, साथ ही इससे खांसी की समस्या भी बढ़ती है जो धीरे-धीरे पेट पर दबाव डाल सकती है। अगर पहले से आपको हर्निया की समस्या विकसित है तो सिगरेट इसे और भी गम्भीर बना सकती है।
- अचानक नीचे झुककर कोई भी भारी सामान उठाने से बचें। अगर सामान उठाना भी हो तो पहले दोनों घुटने मोड़ें, फिर दोनों हाथों से भारी सामान को पेट की सीध में लाते हुए ऊपर उठाएं।
- यदि आपकी पेट की कोई सर्जरी हुई है तो इसके बाद खास ध्यान रखें, जब तक पूरी तरह ठीक न हो जाएं। डॉक्टर से सलाह लें और उस पर अमल करें।
- यदि बचपन से आपको पेट सम्बन्धी दिक्कत हो तो भी अपनी डाइट और रूटीन को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।