देश के कई राज्यों में तेजी से बढ़ता तापमान और गर्मी, लोगों के लिए बड़ी मुसीबतों का कारण बनी हुई है। शनिवार को राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 43 डिग्री तक दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 72 साल में पहली बार दिल्ली में अप्रैल के महीने में इतनी गर्मी हुई है। वहीं उपग्रहों द्वारा ली गई इमेजनरी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सतही भूमि का तापमान 60 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो गया है। इनसैट 3डी, कॉपरनिकस सेंटिनल 3 और नासा के एक उपग्रह द्वारा ली गई भूमि की सतह की तस्वीरों से संकेत मिलता है कि इस तरह का बढ़ता तापमान सेहत के लिहाज से काफी हानिकारक दुष्प्रभावों वाला हो सकता है।
विशेषज्ञों ने चेताया: जानलेवा हो सकता है बढ़ते तापमान का दुष्प्रभाव, ऐसे लक्षणों को लेकर बरतें सावधानी
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जानलेवा भी हो सकती है हीट-स्ट्रोक
मायोक्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक हमारा शरीर बहुत अधिक तापमान को सहन नहीं कर पाता है। हीट-स्ट्रोक के कारण वैसे तो सामान्य स्थितियों में बुखार, सिरदर्द और उल्टी जैसी दिक्कतें होती हैं, हालांकि कुछ स्थितियों में इसके दुष्प्रभाव जानलेवा भी हो सकते हैं।
कुछ लोगों में हीट-स्ट्रोक के कारण शरीर के तापमान में होने वाला बदलाव मस्तिष्क या अन्य महत्वपूर्ण अंगों में सूजन पैदा कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप स्थायी क्षति को जोखिम बढ़ जाता है। अगर इन स्थितियों का समय रहते इलाज न हो पाए तो इससे जान जाने का भी खतरा हो सकता है।
हीट-स्ट्रोक के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं
रिपोर्ट के अनुसार हीट-स्ट्रोक की स्थिति कुछ क्रोनिक समस्याओं जैसे हृदय या फेफड़ों की बीमारी के जोखिम और जटिलताओं को बढ़ा सकती है। इसके अलावा हीट-स्ट्रोक के कारण तेजी से सांस लेने, हृदय गति काफी बढ़ जाने जैसी समस्या भी हो सकती है।
इन समस्याओं का अगर समय रहते उपचार न किया जाए तो इससे कई तरह की गंभीर समस्याओं का खतरा हो सकता है। हीट-स्ट्रोक के कारण बढ़ा शरीर का तापमान हृदय की समस्याओं को भी बढ़ा देता है।
गर्मी के दुष्प्रभावों से बचाव की आवश्यकता
अमर उजाला से बातचीत में डॉ नीरज अस्थाना कहते हैं, बढ़ते तापमान के साथ शरीर का ध्यान रखना आवश्यक हो जाता है। हीट-स्ट्रोक में शरीर का तापमान बढ़ जाता है जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम हो सकता है। जिन स्थानों पर तापमान 40 से ऊपर जा रहा है वहां लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
हीट-स्ट्रोक की स्थिति में आपातकालीन उपचार की आवश्यकता होती है। इसका समय पर इलाज न होने से आपके मस्तिष्क, हृदय, गुर्दे और मांसपेशियों को नुकसान पहुंच सकता है। गंभीर स्थितियों में या लंबे समय तक इलाज न हो पाने के कारण मृत्यु का खतरा भी बढ़ जाता है।
सुरक्षित रहना बहुत जरूरी
डॉ नीरज कहते हैं, देश के ज्यादातर हिस्सों में इस समय तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है। हीट-स्ट्रोक का खतरा हर उम्र के लोगों को हो सकता है, इससे बचाव करना बहुत आवश्यक है। इससे सुरक्षित रहने और बचाव के लिए शरीर को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है। पानी पाते रहने से शरीर के सामान्य तापमान को बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा ध्यान रहे इस समय कार-गाड़ी में बच्चों को छोड़कर कहीं न जाएं। धूप के कारण गाड़ियों का तापमानबढ़ जाता है, जिससे हीट-स्ट्रोक का जोखिम भी बहुत बढ़ जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।