गर्मी का मौसम यानी तेज धूप और लू जिसके बदले में आप वायरल फीवर, फ्लू, लो बीपी, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), खून की कमी जैसी कई चीजों का शिकार हो सकते हैं। गर्मी में सबसे अधिक आवश्यकता होती है पानी की और कुछ लोग अक्सर कम पानी पीते हैं या भूल जाते हैं। ऐसे में खुद का खास ध्यान रखने की जरुरत होती है इसलिए हम बताने जा रहे हैं कि डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से आप कैसे बच सकते हैं।
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गर्मी में रखें अपना ख्याल, ऐसे बचें डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से
Sun, 02 Jun 2019 01:49 PM IST
पंखुड़ी सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Sun, 02 Jun 2019 01:49 PM IST
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अधिक गर्मी की वजह से तीन आम समस्याएं शरीर में अकड़न और थकावट, हीट स्ट्रोक होता है। अधिक समय तक धूप में रहने, शारीरिक गतिविधि, उपवास, खाने-पीने की कुछ चीजों, कुछ दवाइयों और बीमारी या किसी तरह के संक्रमण के चलते डिहाइड्रेशन कहीं भी और कभी भी हो सकता है।
डिहाइड्रेशन के लक्षण
डिहाइड्रेशन के आम लक्षणों में थकान, चक्कर आना, सिरदर्द, गहरे पीले रंग का पेशाब, मुंह में सूखापन और चिड़चिड़ापन होता है। इससे बचने के लिए पानी पीते रहें।
डिहाइड्रेशन के आम लक्षणों में थकान, चक्कर आना, सिरदर्द, गहरे पीले रंग का पेशाब, मुंह में सूखापन और चिड़चिड़ापन होता है। इससे बचने के लिए पानी पीते रहें।
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- फोटो : Social Media
ऐसे रखें ख्याल
पानी पीने के साथ-साथ लौकी, तोरी, टिंडा, कद्दू गर्मियों की सब्जियां हैं, जो बेलों पर उगती हैं. इन सभी में पानी की मात्रा अधिक होती है। मौसमी फल का सेवन भी करें। गर्मियों में पसीना न होना, 8 घंटे तक पेशाब न आना या तेज बुखार खतरे के संकेत हो सकते हैं इसलिए ऐसा कुछ होने पर तुरंत डॉक्टर दिखाना चाहिए।
पानी पीने के साथ-साथ लौकी, तोरी, टिंडा, कद्दू गर्मियों की सब्जियां हैं, जो बेलों पर उगती हैं. इन सभी में पानी की मात्रा अधिक होती है। मौसमी फल का सेवन भी करें। गर्मियों में पसीना न होना, 8 घंटे तक पेशाब न आना या तेज बुखार खतरे के संकेत हो सकते हैं इसलिए ऐसा कुछ होने पर तुरंत डॉक्टर दिखाना चाहिए।
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हाथ, पैरों या पेट की मांसपेशियों में ऐंठन हीट क्रैंप कहलाते हैं, जो अधिक व्यायाम के कारण बड़ी मात्रा में नमक और पानी की हानि के कारण होते हैं इसलिए पर्याप्त मात्रा में तरल चीजें और नमक का सेवन करें।