कोविड-19 का संक्रमण आपके सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन के दौरान विशेषज्ञों ने पाया कि कोविड-19 से संक्रमित कुछ लोगों में सुनने से संबंधित समस्याएं देखने को मिली हैं। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ऑडियोलॉजी में प्रकाशित एक रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने बताया है कि कोविड-19 को सुनने से संबंधित समस्याओं से जोड़कर देखने जैसे तथ्य सामने आ रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि अस्पताल से इलाज कराकर लौटे करीब 13 फीसदी लोगों ने इस प्रकार की शिकायतों का अनुभव किया है।
अध्ययन: कोरोना का संक्रमण बना सकता है बहरा, कहीं आपको भी तो नहीं है यह समस्या
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यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर और एनआईएचआर मैनचेस्टर बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर (बीआरसी) के वैज्ञानिकों ने यह अध्ययन किया। प्रोफेसर केविन मुनरो ने अध्ययन के दौरान ऐसे 56 लोगों की पहचान की जिन्हें कोविड-19 के संक्रमण के कारण सुनने की समस्या आ रही थी। अध्ययनकर्ताओं को सुनने की समस्याओं वाले करीब 7.6 फीसदी, कानों के बजने और अनावश्यक आवाजें सुनाई देने वाले 14.8 फीसदी जबकि सिर में चक्कर आने वाले करीब 7.2 फीसदी मामले देखने को मिले हैं।
क्या है विशेषज्ञों का कहना
यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर में प्रोफेसर और अध्ययनकर्ता केविन मुनरो ने रिपोर्ट में बताया है कि इस बारे में विशेषज्ञों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस तरह के सामने आ रहे मामलों की जांच करके कोविड-19 के कारण सुनने संबंधी दीर्घकालिक समस्याओं के बारे में जानने पर जोर देना होगा। प्रो. मुनरो कहते हैं कि इससे पहले खसरा और मेनिन्जाइटिस जैसेे वायरसों के प्रभाव के कारण सुनने की समस्याएं देखी जा चुकी हैं, अब यह समझने की जरूरत है कि सार्स सीओवी-2 जनित कोविड-19, सुनने की क्षमता को कैसे प्रभावित कर सकता है?
पहले भी देखने को मिल चुके हैं ऐसे मामले
इससे पहले यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की 'जर्नल बीएमजे' में प्रकाशित एक रिपोर्ट में शोधकर्ताओ ने बताया था कि उन्हें एक 45 साल के एक कोविड-19 मरीज में ठीक से ना सुन पाने की शिकायत का पता चला था। मरीज को इलाज के लिए आईसीयू में रखा गया था। यहां से निकलने के बाद उसे कानों में झनझनाहट और एक कान से सुनाई न देनी की समस्या का अनुभव हुआ था।