Migraine Treatment Tips: माइग्रेन सिर्फ एक सामान्य सिरदर्द नहीं है, बल्कि एक गंभीर समस्या है। इसमें असहनीय दर्द होता है, जी मिचलाता है, और तेज रोशनी या आवाज से परेशानी होती है। जो लोग माइग्रेन से पीड़ित हैं, वे अक्सर ही तेज सिर दर्द की पीड़ा को महसूस करते हैं। माइग्रेन की खास बात यह है कि अधिकतर हमारी की किसी गलती की वजह से ट्रिगर होती है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए ये ट्रिगर अलग हो सकते हैं।
Health Tips: माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती हैं आपकी ये पांच आदतें, आज से ही बरतें सावधानियां
Migraine Triggers: माइग्रेन एक बेहद गंभीर समस्या है, जिससे बहुत से लोग परेशान रहते हैं। ज्यादातर इस बीमारी को ट्रिगर होने के पीछे हमारी ही कुछ गलत आदतें जिम्मेदार होती हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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तनाव
माइग्रेन का सबसे आम ट्रिगर मानसिक तनाव है। जब हम ज्यादा तनाव में होते हैं, तो हमारा शरीर कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन रिलीज करता है। ये हार्मोन माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। यह अक्सर तब होता है जब तनाव का असर धीरे-धीरे कम होता है, जैसे कि वीकेंड पर। इसलिए ये बहुत जरूरी है कि तनाव को शुरुआत से ही नियंत्रित किया जाए और इसके लिए आप ध्यान और गहरी सांस ले सकते हैं।
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कुछ लोग मानते हैं कि कॉफी पीने से माइग्रेन में आराम मिलता है, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। अल्कोहल और कैफीन दोनों ही माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। ज्यादा शराब पीने से शरीर में पानी की कमी होती है, जो सिरदर्द का कारण बन सकती है। इसी तरह कैफीन की मात्रा अचानक घटाने से भी सिरदर्द शुरू हो सकता है।
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तेज रोशनी और आवाज
तेज रोशनी, जैसे सूरज की तेज धूप या फ्लैशिंग लाइट्स, और तेज आवाज माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती हैं। यह उन लोगों में ज्यादा होता है जो रोशनी और आवाज के प्रति संवेदनशील होते हैं। इसलिए धूप में बाहर निकलने से पहले धूप का चश्मा पहनना और तेज आवाज वाली जगहों से बचना जरूरी है।
स्लीप साइकिल में बदलाव
सोने का एक अनियमित रूटीन भी माइग्रेन का कारण बन सकता है। बहुत ज्यादा सोना या बहुत कम सोना दोनों ही हमारे शरीर की सर्केडियन रिदम को बिगाड़ देते हैं। रोजाना एक ही समय पर सोने और जागने की आदत डालना माइग्रेन की आशंका को कम करने में मदद कर सकता है।