Migraine Treatment Tips: माइग्रेन सिर्फ एक सामान्य सिरदर्द नहीं है, बल्कि एक गंभीर समस्या है। इसमें असहनीय दर्द होता है, जी मिचलाता है, और तेज रोशनी या आवाज से परेशानी होती है। जो लोग माइग्रेन से पीड़ित हैं, वे अक्सर ही तेज सिर दर्द की पीड़ा को महसूस करते हैं। माइग्रेन की खास बात यह है कि अधिकतर हमारी की किसी गलती की वजह से ट्रिगर होती है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए ये ट्रिगर अलग हो सकते हैं।
हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतें ऐसी हैं जो इसे सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। हम इन आदतों को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे माइग्रेन के दौरे बार-बार पड़ सकते हैं। यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो इन आदतों को पहचानना और उनमें सुधार लाना बहुत जरूरी है। आइए इस लेख में जानते हैं कि कौन सी वो पांच आदतें हैं जो माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती हैं और उनसे कैसे बचा जाए।
2 of 6
मानसिक तनाव
- फोटो : Freepik.com
तनाव
माइग्रेन का सबसे आम ट्रिगर मानसिक तनाव है। जब हम ज्यादा तनाव में होते हैं, तो हमारा शरीर कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन रिलीज करता है। ये हार्मोन माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। यह अक्सर तब होता है जब तनाव का असर धीरे-धीरे कम होता है, जैसे कि वीकेंड पर। इसलिए ये बहुत जरूरी है कि तनाव को शुरुआत से ही नियंत्रित किया जाए और इसके लिए आप ध्यान और गहरी सांस ले सकते हैं।
ये भी पढ़ें-
Health Tips: बिना वजह वजन घटने के साथ दिख रहे हैं ये तीन लक्षण, तो हो सकती है लिवर कैंसर की शिकायत
3 of 6
कैफीन का सेवन
- फोटो : Adobe stock
अल्कोहल और कैफीन
कुछ लोग मानते हैं कि कॉफी पीने से माइग्रेन में आराम मिलता है, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। अल्कोहल और कैफीन दोनों ही माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। ज्यादा शराब पीने से शरीर में पानी की कमी होती है, जो सिरदर्द का कारण बन सकती है। इसी तरह कैफीन की मात्रा अचानक घटाने से भी सिरदर्द शुरू हो सकता है।
ये भी पढ़ें- Alert: दिमाग का दुश्मन बन रही ओमेगा-3 की कमी, इस गंभीर रोग का बढ़ सकता है खतरा
4 of 6
सिरदर्द की समस्या
- फोटो : Freepik.com
तेज रोशनी और आवाज
तेज रोशनी, जैसे सूरज की तेज धूप या फ्लैशिंग लाइट्स, और तेज आवाज माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती हैं। यह उन लोगों में ज्यादा होता है जो रोशनी और आवाज के प्रति संवेदनशील होते हैं। इसलिए धूप में बाहर निकलने से पहले धूप का चश्मा पहनना और तेज आवाज वाली जगहों से बचना जरूरी है।
5 of 6
नींद नहीं आना
- फोटो : Adobe Stock
स्लीप साइकिल में बदलाव
सोने का एक अनियमित रूटीन भी माइग्रेन का कारण बन सकता है। बहुत ज्यादा सोना या बहुत कम सोना दोनों ही हमारे शरीर की सर्केडियन रिदम को बिगाड़ देते हैं। रोजाना एक ही समय पर सोने और जागने की आदत डालना माइग्रेन की आशंका को कम करने में मदद कर सकता है।