होली एक ऐसा त्योहार है जो हर भेदभाव को मिटा देता है। रंगों से भरे इस त्योहार की सबसे बड़ी खूबी ही ढेर सारे रंग और गुलाल में बसी होती है। लेकिन होली के दौरान बरती गई थोड़ी सी भी लापरवाही आपको कई तरह की समस्याओं का शिकार बना सकती है। त्वचा से लेकर आंखों, बालों तक को होली के रंग नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि रंगभरे इस त्योहार के पहले थोड़ी सतर्कता बरती जाए, ताकि सेहत से कोई लापरवाही न होने पाए।
Holi 2022: होली के 'रंग' कहीं डाल न दें उत्साह में भंग, खराब रंग बढ़ा सकते हैं आपकी मुसीबत, ऐसे करें बचाव
कोरोना काल में होली
होली के दौरान कोरोना की गाइडलाइंस का पालन अवश्य करें। घर से बाहर जाते समय मास्क लगाएं। इसके अलावा होली के लिए आने वाले रंगों में कई धातुएं और हानिकारक रसायन भी मिले हो सकते हैं। इनकी वजह आंखों और त्वचा में एलर्जी, सांस की समस्या, त्वचा पर घाव, बालों की समस्या जैसी कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। अच्छे और प्राकृतिक रंगों को ही प्रयोग में लाएं।
रंगों को लेकर बरतें सावधानी
गुलाल में भी कई बार बारीक पिसा कांच तथा एस्बेस्टोस-सिलिका जैसे खतरनाक तत्व हो सकते हैं जिनसे किडनी, लिवर, हड्डियों को नुकसान, आंखों को स्थाई क्षति या अस्थमा जैसी समस्या हो सकती है। पानी में घुल जाने वाले कुछ रंगों में भी रसायन हो सकते हैं। यदि गलती से भी यह आंख, नाक, मुंह के जरिए शरीर में चले जाएं तो गम्भीर मुश्किल खड़ी हो सकती है।
- अगर आपको सूखे रंग या गुलाल में कोई चमक दिखती है तो यह कांच के पाउडर हो सकता है। यह त्वचा के साथ ही आंखों और बालों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इससे दूरी बनाएं।
- रंगों को एक बार सूंघ कर देखें। यदि आपको इसमें किसी प्रकार के रसायन या इंजिन ऑइल की बदबू आती है तो इसे न खरीदें।
सेहत को दुरुस्त रखने के लिए इन बातों का रखें ख्याल
- होली खेलने के पहले ही अपने बालों सहित पूरी त्वचा पर सरसो का तेल लगाएं और होली खेलकर नहाने के बाद नारियल या बादाम का तेल लगाएं। इससे त्वचा को नुकसान कम से कम पहुंचेगा और बाद में त्वचा को पर्याप्त नमी व पोषण भी मिल पाएगा।
- जहां तक हो सके, इको फ्रेंडली रंग और गुलाल ही खरीदें। रंग खरीदते समय गुणवत्ता को लेकर पूरी पुष्टि करें।
- होली खेलते समय यदि रंग या गुलाल आंखों या मुंह में जाता है तो तुरन्त सबसे पहले साफ पानी से सफाई करें या कुल्ला करें।
- यदि आपको अस्थमा या किसी प्रकार की स्किन एलर्जी है तो रंग खेलने से पहले ही स्पष्ट कर दें या ज्यादा रंग न खेलें।
- होली के रंगों में कुछ मात्रा में एसिड भी हो सकता है। जिसकी वजह से आंखों या त्वचा पर जलन या दर्द हो सकता है। यदि आपको लग रहा है कि किसी के रंग लगाने के बाद ऐसा हुआ है तो सबसे पहले साफ पानी से तुरन्त रंग को धोएं।
- अगर आप चश्मा या कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो उसे हटाकर ही रंग खेलें।
- गर्भवती महिलाओं को इन हानिकारक रंगों से बचाव और भी जरूरी है क्योंकि इनका बुरा असर बच्चे तक भी पहुंच सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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