दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले स्वास्थ्य संगठनों के लिए गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं, विशेष रूप से कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को सबसे संक्रामक और घातक माना जा रहा है। कुछ देशों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच हाल ही में हवाना सिंड्रोम के बारे में भी कुछ मीडिया रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की यात्रा पर भी इसका असर देखने को मिला था। कमला हैरिस 24 अगस्त को सिंगापुर से वियतनाम की यात्रा कर रही थीं, लेकिन इसमें तय समय से देरी हुई। रिपोर्टस के मुताबिक हनोई स्थित अमेरिकी दूतावास ने हवाना सिंड्रोम के डर के चलते सुरक्षात्मक कारणों को लेकर सावधान किया था।
हवाना सिंड्रोम: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सामने आई 'रहस्यमयी बीमारी', लक्षण और कारण सबकुछ अचरज भरे
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पांच साल पहले आया था पहला मामला
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हवाना सिंड्रोम, कोई नई या उभरती हुई बीमारी नहीं है जो अचानक सामने आई हो। पहली बार साल 2016 में क्यूबा की राजधानी हवाना में इसके मामले सामने आए थे। इसके बाद जर्मनी, ऑस्ट्रिया, रूस और चीन सहित अन्य देशों में इसकी शिकायत मिली। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हवाना सिंड्रोम की समस्या वाले लोगों को मतली, ठीक से सुनाई न देने, याददाश्त की दिक्कत, चक्कर आने और टिनिटस जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इतना ही नहीं कुछ लोगों बहुत ही तेज आवाज सुनाई देने की भी शिकायत हो सकती है।
मस्तिष्क के ऊतकों को पहुंच सकती है गंभीर क्षति
एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 में जब पहली बार हवाना सिंड्रोम के मामले सामने आए थे तब राजनयिकों ने अपने सिर में भयंकर दबाव महसूस होने की शिकायत की थी। कुछ अन्य लोगों ने कहा कि वह ऐसा महसूस कर रहे थे जैसे कि ऊर्जा की एक अदृश्य किरण में खड़े हैं। प्रभावित लोगों के मस्तिष्क का जब स्कैन किया गया तो डॉक्टरों ने पाया कि मस्तिष्क के ऊतकों की स्थिति बिल्कुल वैसी ही थी जैसा की किसी कार दुर्घटना या बम विस्फोट के कारण हो जाती है।
हवाना सिंड्रोम के क्या कारण हो सकते हैं?
हवाना सिंड्रोम के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि कुछ रिपोर्टस में इसके मनोवैज्ञानिक कारणों का दावा किया जा रहा है। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि संभवत: विदेशी मिशनों के कारण उत्पन्न तनावपूर्ण माहौल ऐसी समस्याओं को जन्म दे सकता है, शायद यही कारण है कि हवाना सिंड्रोम के सबसे ज्यादा शिकार राजनयिक ही होते हैं। दिसंबर 2020 में राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (NAS) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में बताया गया रेडियोफ्रीक्वेंसी एनर्जी भी इसका एक संभावित कारण हो सकती है।
क्या वास्तव में ऐसी कोई बीमारी है भी?
हवाना सिंड्रोम के बारे में लोगों के अलग-अलग मत है, कई बार इसकी मौजूदगी पर भी सवाल उठते रहे हैं कि क्या वास्तव में ऐसी कोई समस्या है भी या नहीं? ऐसे संशय का प्रमुख कारण यह है कि हवाना सिंड्रोम के मामले ज्यादातर यूएस और कनाडाई राजनयिकों में ही देखने को मिलते हैं। हालांकि अमेरिकी प्रशासन बीमारी के अस्तित्व को मानती रही है। पिछले महीने, सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स ने कहा, "मैं निश्चित रूप से आश्वस्त हूं कि हमारे अधिकारियों और परिवार के कुछ सदस्यों के साथ-साथ अन्य अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों ने जो अनुभव किया है, वह वास्तविक है।
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स्रोत और संदर्भ:
What Is Havana Syndrome
अस्वीकरण नोट: यह लेख तमाम मेडिकल वेबसाइट्स से एकत्रित जानकारियों और मीडिया रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।