फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

China Pneumonia: क्या भारत में भी बढ़ रहा है 'रहस्यमयी निमोनिया' का खतरा? भारत सरकार ने दी स्पष्ट जानकारी

Thu, 07 Dec 2023 08:17 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 07 Dec 2023 08:17 PM IST
विज्ञापन
Government of India says bacterial cases in india is not linked to the surge in Pneumonia cases in china
निमोनिया का खतरा - फोटो : istock

China Pneumonia News: पिछले एक महीने में चीन में आश्चर्जनक रूप से निमोनिया के मामलों में वृद्धि देखी गई। माइकोप्लाज्मा निमोनिया, नामक इस रोग से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अस्पतालों के आपातकालीन विभाग में निमोनिया और श्वसन संक्रमण की शिकायत के साथ मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। अधिकारियों ने सभी लोगों को अलर्ट रहने और सुरक्षात्मक उपाय करते रहने की सलाह दी है।



चीन में अचानक बढ़े संक्रामक एच9एन2 के मामलों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) गंभीरता से नजर बनाए हुए है। डब्ल्यूएचओ ने अधिकारियों से लगातार स्थिति की जानकारी देते रहने और देश में बढ़ते संक्रामक रोग की रोकथाम के लिए प्रयास करते रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन के साथ अन्य देशों को भी अलर्ट पर रहने की आवश्यकता है।

इस बीच कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि माइकोप्लाज्मा निमोनिया के मामले भारत में भी रिपोर्ट किए जा रहे हैं। क्या वास्तव में ऐसा है, आइए जानते हैं।

Government of India says bacterial cases in india is not linked to the surge in Pneumonia cases in china
पीआईबी ने किया स्पष्ट - फोटो : social media

सरकार ने दावों को किया खारिज

चीन में निमोनिया के मामलों में हालिया वृद्धि के साथ भारत में भी इसके रोगजनकों की पुष्टि को लेकर रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है।

हालांकि इसे पूरी तरह से खारिज करते हुए गुरुवार (7 दिसंबर) को भारत सरकार ने स्पष्ट कहा है कि इस तरह की मीडिया रिपोर्ट्स भ्रामक और गलत हैं। पीआईबी ने विज्ञप्ति जारी कर कहा-  दिल्ली एम्स में बैक्टीरियल संक्रमण के कुछ मामलों को चीन में निमोनिया से जोड़कर किए जा रहे दावे गलत हैं। माइकोप्लाज्मा निमोनिया, निमोनिया के सबसे आम प्रकारों में से एक है। एम्स दिल्ली में निमोनिया के मामलों का चीन के बच्चों में रिपोर्ट किए गए श्वसन संक्रमण से कोई संबंध नहीं है। भारत सरकार यहां अलर्ट है और सुरक्षा के सभी उपायों का गंभीरता से पालन किया जा रहा है।
 

Government of India says bacterial cases in india is not linked to the surge in Pneumonia cases in china
निमोनिया की समस्या - फोटो : iStock

जनवरी से अब तक माइकोप्लाज्मा निमोनिया के एक भी मामले नहीं

भारत सरकार द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक अप्रैल से सितंबर 2023 के बीच छह महीने में एम्स दिल्ली में श्वसन संक्रमण के सात बैक्टीरियल मामले दर्ज किए गए। हालांकि ये किसी भी तरह से चीन में निमोनिया के मामलों से संबंधित नहीं हैं। जनवरी 2023 से अब तक किए गए 611 सैंपल टेस्ट में से एक में भी माइकोप्लाज्मा निमोनिया की पुष्टि नहीं की गई है। 

चीन में हाल में बढ़े इस संक्रामक रोग के जोखिमों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट पर है और देश में इसकी रोकथाम के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Government of India says bacterial cases in india is not linked to the surge in Pneumonia cases in china
निमोनिया के जोखिम कारक - फोटो : Pixabay

चीन में निमोनिया का कारण 

चीन में निमोनिया के जोखिमों के कारण को समझने के लिए किए गए अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञों ने बताया- असल में कोरोना महामारी के बाद तीन साल में ऐसा पहली बार है जब चीन बिना प्रतिबंधों के सर्दी के मौसम में प्रवेश कर रहा है। इसकी शुरुआत में ही पूरे देश में श्वसन संबंधी बीमारियों की लहर देखी जा रही है। इस तरह के निमोनिया के केस पहले भी कई देशों में देखे जाते रहे हैं पर चीन में सख्त प्रतिबंधों के कारण अब तक यहां श्वसन जैसे रोगों के कारक वायरस का खतरा कम हो गया था। प्रतिबंध हटने के बाद इसका खतरा फिर से बढ़ा है।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed