China Pneumonia News: पिछले एक महीने में चीन में आश्चर्जनक रूप से निमोनिया के मामलों में वृद्धि देखी गई। माइकोप्लाज्मा निमोनिया, नामक इस रोग से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अस्पतालों के आपातकालीन विभाग में निमोनिया और श्वसन संक्रमण की शिकायत के साथ मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। अधिकारियों ने सभी लोगों को अलर्ट रहने और सुरक्षात्मक उपाय करते रहने की सलाह दी है।
China Pneumonia: क्या भारत में भी बढ़ रहा है 'रहस्यमयी निमोनिया' का खतरा? भारत सरकार ने दी स्पष्ट जानकारी
सरकार ने दावों को किया खारिज
Media reports claiming detection of bacterial cases in AIIMS Delhi linked to the recent surge in Pneumonia cases in China are misleading and inaccurate. Mycoplasma pneumonia is the commonest bacterial cause of community-acquired pneumonia. Pneumonia Cases in AIIMS Delhi have no… pic.twitter.com/rZkpgPEwv1
चीन में निमोनिया के मामलों में हालिया वृद्धि के साथ भारत में भी इसके रोगजनकों की पुष्टि को लेकर रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है।
हालांकि इसे पूरी तरह से खारिज करते हुए गुरुवार (7 दिसंबर) को भारत सरकार ने स्पष्ट कहा है कि इस तरह की मीडिया रिपोर्ट्स भ्रामक और गलत हैं। पीआईबी ने विज्ञप्ति जारी कर कहा- दिल्ली एम्स में बैक्टीरियल संक्रमण के कुछ मामलों को चीन में निमोनिया से जोड़कर किए जा रहे दावे गलत हैं। माइकोप्लाज्मा निमोनिया, निमोनिया के सबसे आम प्रकारों में से एक है। एम्स दिल्ली में निमोनिया के मामलों का चीन के बच्चों में रिपोर्ट किए गए श्वसन संक्रमण से कोई संबंध नहीं है। भारत सरकार यहां अलर्ट है और सुरक्षा के सभी उपायों का गंभीरता से पालन किया जा रहा है।
जनवरी से अब तक माइकोप्लाज्मा निमोनिया के एक भी मामले नहीं
भारत सरकार द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक अप्रैल से सितंबर 2023 के बीच छह महीने में एम्स दिल्ली में श्वसन संक्रमण के सात बैक्टीरियल मामले दर्ज किए गए। हालांकि ये किसी भी तरह से चीन में निमोनिया के मामलों से संबंधित नहीं हैं। जनवरी 2023 से अब तक किए गए 611 सैंपल टेस्ट में से एक में भी माइकोप्लाज्मा निमोनिया की पुष्टि नहीं की गई है।
चीन में हाल में बढ़े इस संक्रामक रोग के जोखिमों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट पर है और देश में इसकी रोकथाम के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।
चीन में निमोनिया का कारण
चीन में निमोनिया के जोखिमों के कारण को समझने के लिए किए गए अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञों ने बताया- असल में कोरोना महामारी के बाद तीन साल में ऐसा पहली बार है जब चीन बिना प्रतिबंधों के सर्दी के मौसम में प्रवेश कर रहा है। इसकी शुरुआत में ही पूरे देश में श्वसन संबंधी बीमारियों की लहर देखी जा रही है। इस तरह के निमोनिया के केस पहले भी कई देशों में देखे जाते रहे हैं पर चीन में सख्त प्रतिबंधों के कारण अब तक यहां श्वसन जैसे रोगों के कारक वायरस का खतरा कम हो गया था। प्रतिबंध हटने के बाद इसका खतरा फिर से बढ़ा है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।