मोटापा कई प्रकार की गंभीर और क्रोनिक बीमारियों का प्रमुख कारण है। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी जैसी कई स्थितियां मोटापे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं। हालांकि शोधकर्ताओं ने बताया, मोटापे के लिए महज आपकी अव्यवस्थित जीवनशैली या सेहत संबंधी परेशानी ही जिम्मेदार नहीं होती है, इसमें अनुवांशिकता की भी बड़ी भूमिका होती है। यानी कि जिन लोगों के माता या पिता को मोटापे की समस्या रही है उनमें भी मोटापे का खतरा अधिक हो सकता है।
Obesity Risk: सिर्फ लाइफस्टाइल में गड़बड़ी ही मोटापे के लिए जिम्मेदार नहीं, अध्ययन में सामने आई बड़ी बात
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मोटापा और इसके कारण होने वाली दिक्कतें
मोटापा और इसके कारण होने वाले जोखिमों को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि अगर किसी के माता-पिता उनकी उम्र में मोटे थे, तो उनके भी इसी उम्र में मोटे होने की आशंका होती है। उदाहरण के लिए किसी बच्चे के माता या पिता 17 साल की उम्र में मोटापे के शिकार थे तो उस बच्चे में भी इसी उम्र में मोटापा विकसित होने की 77 प्रतिशत आशंका होती है।
अध्ययन में क्या पता चला?
अध्ययनकर्ताओं ने 1986 से 2018 के बीच के 13 लाख से अधिक लोगों के डेटा का इस्तेमाल किया। यह डेटा इस्राइल में उनके अनिवार्य सैन्य सेवा में जाने से पहले का था। इसमें 17 साल की उम्र के बच्चों के बीएमआई की तुलना उनके माता-पिता दोनों के उसी उम्र के बीएमआई से की गई। विश्लेषण में शामिल 4.45 लाख से अधिक के तीन समूहों में से 24 प्रतिशत के लिए डेटा मौजूद था। इसका मतलब है कि लगभग 1,06,800 के तीन समूहों के लिए पूरा डेटा मौजूद था।
इस आधार पर अध्ययन के लेखकों ने लिखा, जिन तीनों समूहों में माता-पिता दोनों का बीएमआई स्वस्थ था, उनकी संतान में अधिक वजन या मोटापा 15.4 प्रतिशत बढ़ा था। वहीं, जिनके माता-पिता दोनों मोटापे से ग्रस्त थे तो उनका मोटापा 76.6 प्रतिशत बढ़ा था।
पिता के मोटापे का बेटे पर असर
शोधकर्ताओं ने माता और पिता के बीएमआई के औसत और उनके बच्चे के बीएमआई के बीच सहसंबंध भी पाया। इस आधार पर अनुमान लगाया कि यह 39 प्रतिशत आनुवंशिक था। पिता-पुत्र बीएमआई के बीच सहसंबंध 0.273 पाया गया। इसका मतलब है कि बेटे का बीएमआई पिता के बीएमआई से 27 प्रतिशत तक प्रभावित हो सकता है।
मां और बेटियों के मोटापे का संबंध
इसके अलावा माताओं और बेटियों के बीएमआई के बीच माताओं और बेटों के मुकाबले अधिक मजबूत सहसंबंध पाया। मोटापे से ग्रस्त मांओं के पहले से ही मोटापे से ग्रस्त पिताओं के मुकाबले बेटियों में इस हालत के विकसित होने की अधिक संभावना होती है। अध्ययन के लेखकों ने इस आधार पर निष्कर्ष निकाला कि यह परिणाम आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों के साथ ही बीएमआई की अनुवांशिकता पर लिंग के विशिष्ट असर को दिखाता है।
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स्रोत और संदर्भ
Continued Treatment With Tirzepatide for Maintenance of Weight Reduction in Adults With Obesity
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